मुजफ्फरपुर: शराब तस्कर ने पुलिस पर किया जानलेवा हमला, चौकीदार का पैर तोड़ा; पटना रेफर
मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र में शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर जानलेवा हमला हुआ है। सरहंचिया गांव में शुक्रवार दोपहर शराब तस्करी की सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों में से एक चौकीदार मोहम्मद जैनुल को लोहे की रॉड से मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। हमले में चौकीदार का दाहिना पैर टूट गया है, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।
घटना के बाद आरोपी तस्कर अपनी शराब लदी बाइक छोड़कर फरार हो गया। औराई थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने तत्काल दल-बल के साथ सरहंचिया गांव पहुंचकर फरार तस्कर की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पुलिस पर हमला करने और शराब तस्करी के आरोप में मामला दर्ज किया है।
वारंट की जानकारी लेने गए थे पुलिसकर्मी
थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि थाने के दारोगा सुदर्शन सिंह और चौकीदार मोहम्मद जैनुल सरहंचिया गांव के कुख्यात शराब धंधेबाज सुभाष बैठा के खिलाफ जारी वारंट के सिलसिले में जानकारी लेने गए थे। सुभाष बैठा के खिलाफ धारा 41 के तहत वारंट जारी था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुभाष के खिलाफ शराब तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। पिछले चार वर्षों में पुलिस उसे तीन बार गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, लेकिन हर बार जमानत पर छूटने के बाद वह फिर से शराब के धंधे में सक्रिय हो जाता है।
पुलिस के मुताबिक, जानकारी जुटाने के दौरान ही दारोगा को सूचना मिली कि सुभाष बैठा बाइक से शराब की डिलीवरी देने जा रहा है। दारोगा सुदर्शन सिंह और चौकीदार जैनुल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुभाष को घेरकर रोका और उसकी बाइक की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बाइक की डिक्की से शराब बरामद हुई।
रॉड से हमला कर हुआ फरार
शराब बरामद होते ही बाइक पर सवार दो लोग भागने लगे। इसी दौरान, मुख्य आरोपी सुभाष बैठा ने पास के एक गैराज से लोहे की रॉड उठा ली और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। रॉड का वार सीधे चौकीदार मोहम्मद जैनुल के दाहिने पैर पर लगा, जिससे उनकी हड्डी टूट गई। इस हमले में दारोगा सुदर्शन सिंह बाल-बाल बच गए। हमले के बाद आरोपी तस्कर अपनी बाइक और शराब छोड़कर फरार हो गया।
घायल चौकीदार मोहम्मद जैनुल को पहले एसकेएमसीएच ले जाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पटना रेफर कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना बिहार में शराबबंदी कानून को लागू करने में पुलिस के सामने आ रही चुनौतियों को उजागर करती है।
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