स्थानीय

मुजफ्फरपुर SKMCH की बदहाली: इमरजेंसी में बेड का टोटा, जमीन पर इलाज कराने को मजबूर मरीज

इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीज मायूस

उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल, श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आ रही है। अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करने के बजाय घंटों जमीन पर लेटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई मरीज वार्ड के इंतजार में बिना इलाज कराए ही घर लौटने को विवश हैं।

सुविधाओं का घोर अभाव

अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में कुल 60 बेड की क्षमता है, जबकि रोजाना 1500 से 2000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से 50 से 100 मरीज गंभीर अवस्था में इमरजेंसी में भर्ती होते हैं। वार्ड में जगह न होने का हवाला देकर मरीजों को शिफ्ट नहीं किया जा रहा है, जिससे एक ही बेड पर मरीज और उनके तीमारदार को रात गुजारनी पड़ती है।

  • दवाओं की किल्लत: मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई कई दवाएं अस्पताल के काउंटर पर उपलब्ध नहीं होतीं, जिन्हें बाहर से खरीदना पड़ता है। रविवार और रात के समय दवा दुकानों के बंद होने से स्थिति और भी विकट हो जाती है।
  • चिकित्सकीय देखरेख: इमरजेंसी में अक्सर जूनियर डॉक्टर ही मरीजों को देखते हैं। सीनियर डॉक्टरों की मौजूदगी न के बराबर होने से गंभीर मरीजों के परिजनों में अनहोनी का डर बना रहता है।
  • बुनियादी सुविधाओं का संकट: वार्ड में पंखे बेअसर हैं, पीने के पानी के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ता है और आरओ प्लांट खराब पड़े हैं। कई बार नर्सों की कमी के कारण परिजनों को खुद ही स्लाइन की बोतलें पकड़कर खड़े रहना पड़ता है।

प्रशासन का पक्ष

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वार्ड खाली होने पर ही मरीजों को शिफ्ट किया जाता है। उपाधीक्षक डॉ. सतीश कुमार सिंह ने बताया कि गंभीर मरीजों के लिए सीनियर डॉक्टरों को राउंड लेने का निर्देश दिया गया है और आईसीयू में जगह खाली होने पर मरीजों को वहां भेजा जाता है।

मुजफ्फरपुर के अलावा सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और बेतिया जैसे दूर-दराज के जिलों से आने वाले मरीजों के लिए यह अस्पताल आखिरी उम्मीद होता है, लेकिन यहां की लचर व्यवस्था उनकी परेशानी को और बढ़ा रही है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button