आय से अधिक संपत्ति मामला: केवटी के पूर्व बीडीओ चंद्रमोहन पासवान निलंबित
प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप
केवटी प्रखंड के पूर्व प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंद्रमोहन पासवान पर विभागीय गाज गिरी है। ग्रामीण विकास विभाग, पटना ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले में सामने आए ठोस सबूतों के बाद की गई है।
क्या है पूरा मामला?
जांच में यह खुलासा हुआ है कि चंद्रमोहन पासवान के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से 81.03 प्रतिशत अधिक संपत्ति जमा है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, यह राशि लगभग 89 लाख 13 हजार 500 रुपये आंकी गई है। इस गंभीर अनियमितता के सामने आने के बाद विभाग ने उन्हें सेवा से निलंबित करने का कड़ा निर्णय लिया है।
छापेमारी में हुआ था बड़ा खुलासा
इस मामले की जड़ें 27 मई को हुई छापेमारी से जुड़ी हैं। आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने डीएसपी राजन कुमार के नेतृत्व में एक साथ छह अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी थी। इस दौरान केवटी प्रखंड मुख्यालय स्थित सरकारी आवास, बहादुरपुर का निजी आवास, मधुबनी के बौंसी स्थित पैतृक घर और सीतामढ़ी में उनके ससुराल की तलाशी ली गई थी। केवटी में उनके सरकारी आवास पर करीब साढ़े छह घंटे तक चली गहन जांच में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य बरामद किए गए थे।
प्रशासनिक व्यवस्था पर असर
निलंबन की इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासन और उनके करीबियों के बीच हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि इससे पहले एक जुलाई को ही उन्हें केवटी बीडीओ के पद से हटा दिया गया था। हालांकि, अभी तक पूर्णिया के बड़हरा कोठी से स्थानांतरित होकर आए नए बीडीओ कैलाशपति मिश्र ने कार्यभार नहीं संभाला है। उनके योगदान न देने के कारण प्रखंड के प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। विभाग की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है, क्योंकि आर्थिक अपराध इकाई की जांच अभी भी जारी है।
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