एसकेएमसीएच में निर्माण कार्य में बड़ी लापरवाही: ऑडिटोरियम की जगह लेक्चर थियेटर में तोड़फोड़
लापरवाही की हद: बिना अनुमति शुरू किया काम
मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच (SKMCH) में निर्माण एजेंसी की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। कॉलेज प्रशासन ने जिस एजेंसी को ऑडिटोरियम के जीर्णोद्धार का जिम्मा सौंपा था, उसने बिना किसी आधिकारिक आदेश के न्यू लेक्चर थियेटर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज की प्राचार्य प्रो. कुमारी विभा ने मौके पर पहुंचकर एजेंसी के कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई।
क्या है पूरा मामला?
कॉलेज परिसर में विभिन्न भवनों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। इसी योजना के तहत ऑडिटोरियम को दुरुस्त किया जाना था। हालांकि, निर्माण एजेंसी ने निर्धारित कार्य को दरकिनार कर लेक्चर थियेटर में एसी लगाने के नाम पर वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। प्राचार्य ने एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि काम केवल ऑडिटोरियम तक सीमित रहना चाहिए, लेकिन एजेंसी ने मनमानी करते हुए नियमों का उल्लंघन किया।
हॉस्टल की बदहाली पर भी सवाल
केवल ऑडिटोरियम ही नहीं, बल्कि ब्लॉक ई स्थित ब्वॉयज हॉस्टल की स्थिति को लेकर भी एजेंसी की सुस्ती उजागर हुई है। अप्रैल महीने में ही हॉस्टल की मरम्मत के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जुलाई का आधा समय बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ था। छात्रों ने हॉस्टल की जर्जर स्थिति को लेकर प्राचार्य से शिकायत की थी, जिसके बाद एजेंसी को तलब किया गया।
नये सत्र की तैयारी और व्यवस्था
प्राचार्य की सख्ती के बाद मंगलवार से ब्वॉयज हॉस्टल में मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। कॉलेज प्रशासन ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कर्मचारियों की तैनाती की है। गौरतलब है कि एसकेएमसीएच में एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 150 हो गई हैं। नए सत्र में छात्रों की संख्या को देखते हुए कॉलेज प्रशासन मौजूदा हॉस्टल को ‘थ्री-सीटेड’ बनाने की योजना पर काम कर रहा है। प्राचार्य ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और छात्रों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
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