औराई में विराट शतचंडी महायज्ञ: विश्व शांति और कल्याण के लिए 10 दिवसीय आयोजन, नागा बाबा का आगमन मुख्य आकर्षण
मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड स्थित असमानपुर गांव में इस वर्ष भी विराट श्रीदुर्गापूजा शतचंडी महायज्ञ, श्रीमद्भागवत कथा और संत समागम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 11 से 20 अक्टूबर तक चलने वाला यह दस दिवसीय आयोजन लगातार चौथे वर्ष विश्व शांति और कल्याण की कामना के साथ आयोजित किया जा रहा है। इस महायज्ञ में देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों से संत और विद्वान आचार्य शामिल होंगे, जिससे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण का संचार होगा।
आयोजन का उद्देश्य और अनुष्ठान
बालसंत सूर्यप्रकाश शरण महाराज ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि मां दुर्गा की प्रेरणा से यह विराट शतचंडी महायज्ञ विश्व शांति और कल्याण के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान प्रतिदिन श्री दुर्गा सप्तशती के 108 पाठ किए जाएंगे। अयोध्या और वाराणसी से पधारे विद्वान आचार्यों द्वारा त्रिकाल संध्या, सहस्त्रार्चन पूजन, मंत्र जप और हवन जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे, जिसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं।
परम तपस्वी नागा बाबा का विशेष आगमन
इस वर्ष के आयोजन का एक विशेष आकर्षण परम तपस्वी संत श्री श्री 1008 कृष्ण गिरी नागा बाबा महाराज का आगमन है। आयोजकों के अनुसार, नागा बाबा ने वाराणसी में मां गंगा के तट सहित देश के कई धार्मिक स्थलों पर लंबे समय तक तपस्या की है। वे क्षेत्र के कल्याण के लिए 21 दिनों की दिव्य तपस्या करने असमानपुर पहुंचेंगे, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।
धार्मिक मान्यताएं और अनुष्ठान
महायज्ञ के दौरान नवग्रह शांति, लक्ष्मी प्राप्ति, पुत्र प्राप्ति और शारीरिक कष्टों से मुक्ति के उद्देश्य से भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। ये अनुष्ठान आयोजन से जुड़ी गहरी धार्मिक मान्यताओं का प्रतीक हैं और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक लाभ प्रदान करेंगे।
श्रीमद्भागवत कथा और संत समागम
महायज्ञ के साथ-साथ श्रीमद्भागवत कथा का भी आयोजन किया जाएगा। अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास स्वामी श्री सीताकांत शरण जी महाराज भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भागवत के प्रेरक प्रसंगों का वर्णन करेंगे। संत समागम में श्रद्धालुओं को कथा श्रवण करने और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने का सुअवसर प्राप्त होगा, जिससे उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलेगी।
निमंत्रण और पूर्व मंत्री का आह्वान
श्रद्धालुओं को महायज्ञ में आमंत्रित करने के लिए 1 से 10 अक्टूबर तक पूजित अक्षत के माध्यम से घर-घर निमंत्रण दिया जाएगा। इसके लिए सिद्ध संतों की एक टोली क्षेत्र में भ्रमण करेगी। पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा ने इस आयोजन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महायज्ञ से लोगों को शक्ति मिलती है और वातावरण में शुद्धि आती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस पुण्य कार्य में भाग लेने का आह्वान किया है।
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