मुजफ्फरपुर: बूढ़ी गंडक में डूबे फाइनेंस कर्मी का शव बरामद, तीन महीने पहले ही बजी थी शहनाई
बूढ़ी गंडक में समाई खुशियां, 24 घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव
मुजफ्फरपुर के सीढ़ी घाट पर रविवार को हुए हादसे में लापता फाइनेंस कर्मी विकास कुमार का शव सोमवार को बरामद कर लिया गया है। एसडीआरएफ की टीम ने करीब 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नदी से शव को बाहर निकाला। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
क्या था पूरा मामला?
जैतपुर थाना क्षेत्र के बसरा गांव का रहने वाला 25 वर्षीय विकास कुमार अपने परिवार के साथ दामोदरपुर के ओमनगर में रहता था। रविवार की दोपहर वह अपने एक मित्र के साथ सीढ़ी घाट पर नहाने गया था। नदी में उतरते ही अचानक पैर फिसलने से विकास गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के प्रयास में उसका दोस्त भी डूबने लगा, जिसे वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाकर बचा लिया, लेकिन विकास का कहीं पता नहीं चल सका।
प्रशासन की कार्रवाई और परिजनों का दर्द
घटना की सूचना मिलने के बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन एसडीआरएफ की टीम के आने और अंधेरा होने के कारण रविवार को रेस्क्यू ऑपरेशन सफल नहीं हो सका। सोमवार सुबह फिर से तलाशी अभियान शुरू किया गया, जिसके बाद शव बरामद हुआ। शव मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
तीन महीने पहले ही बजी थी शहनाई
विकास की जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा था। महज तीन महीने पहले ही उसकी शादी ज्योति कुमारी से हुई थी। ज्योति एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। शादी के कुछ ही महीनों बाद पति के असमय निधन से ज्योति पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सिकंदरपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में यूडी केस दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह घटना एक बार फिर नदी के घाटों पर सुरक्षा के दावों और सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित करती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी के गहरे और अनजान हिस्सों में जाने से बचें।
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