तिरहुत स्नातक व शिक्षक निर्वाचन: मुजफ्फरपुर की सीमाएं सील, 26 चेकपोस्ट पर कड़ी निगरानी
बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव 2026 को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सहायक निर्वाची पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र के संयुक्त निर्देश पर जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है। असामाजिक तत्वों की आवाजाही रोकने और चुनाव प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से 26 महत्वपूर्ण स्थलों पर चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं।
आठ जिलों से सटी सीमाओं पर विशेष चौकसी
मुजफ्फरपुर जिले की सीमाएं राज्य के आठ पड़ोसी जिलों से मिलती हैं, जिनमें वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर और दरभंगा शामिल हैं। इन सभी जिलों से जुड़ने वाली सीमाओं पर प्रशासन ने व्यापक सीलिंग व्यवस्था लागू की है। 22 अक्टूबर की सुबह 6:00 बजे से लेकर 23 अक्टूबर को मतदान प्रक्रिया समाप्त होने तक, इन चिन्हित चेकपोस्टों पर दिन-रात वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है और अवैध वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए सीधे जब्ती के आदेश दिए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी
सभी चिन्हित चेकपोस्ट स्थलों पर संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) की देखरेख में ड्रॉप गेट और मजबूत बैरियर लगाए गए हैं। पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) द्वारा पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान तैनात किए गए हैं। चेकपोस्ट पर प्रभावी निगरानी और सीमा सीलिंग की सीधी जिम्मेदारी संयुक्त रूप से संबंधित बीडीओ और थानाध्यक्षों को सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) पूर्वी व पश्चिमी तथा सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ) को अपने-अपने क्षेत्रों के चेकपोस्टों का लगातार भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदान का समय और अपील
जिलाधिकारी और एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शांतिपूर्ण मतदान कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 23 अक्टूबर को मतदान सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलेगा। प्रशासन ने मतदाताओं से भयमुक्त होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बाहरी तत्व चुनाव प्रक्रिया को बाधित न कर सके और मतदाता बिना किसी डर के अपने प्रतिनिधि का चुनाव कर सकें।
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