पटना बना मेडिकल हब: रोबोटिक सर्जरी से लेकर वर्ल्ड-क्लास इलाज तक, अब बिहार में ही मिल रही बेहतर सुविधाएं
पटना की बदलती स्वास्थ्य तस्वीर
कभी इलाज के लिए दिल्ली या मुंबई का रुख करने वाले बिहार के मरीजों के लिए अब पटना एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। पिछले डेढ़ दशक में राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं में आया बदलाव न केवल पटना बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। एम्स और आईजीआईएमएस जैसे संस्थानों ने मेडिकल सुविधाओं के नए मानक स्थापित किए हैं।
आईजीआईएमएस में आधुनिक क्रांति
आईजीआईएमएस अब 600 बेड से बढ़कर 1500 बेड का एक विशाल संस्थान बन चुका है। यहां की सबसे बड़ी उपलब्धि रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत है, जो बेहद किफायती दरों पर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा, संस्थान में संचालित अत्याधुनिक नेत्र अस्पताल पूरे पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह का अनूठा केंद्र है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जिला और सदर अस्पतालों को इसी स्तर पर अपग्रेड नहीं किया जाएगा, तब तक बड़े संस्थानों पर मरीजों का दबाव कम करना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
सरकारी प्रयासों का असर
स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए विस्तार का असर जमीनी स्तर पर भी दिख रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, एम्बुलेंस सेवाओं का जाल पूरे राज्य में फैला है, जहां 2017 में केवल 400 एम्बुलेंस थीं, वहीं अब इनकी संख्या 2200 के पार पहुंच चुकी है। इसके साथ ही, कैंसर स्क्रीनिंग जैसी सुविधाएं अब सदर अस्पतालों तक पहुंच चुकी हैं। राज्य में शिशु मृत्यु दर में कमी और संस्थागत प्रसव में हुई बढ़ोतरी स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने का प्रमाण है। भविष्य में एलएनजेपी अस्पताल के रूप में देश का सबसे बड़ा ऑर्थोपेडिक सेंटर भी पटना की पहचान बनेगा।
जागरूकता और स्वच्छता पर जोर
चिकित्सकों का मानना है कि केवल अस्पताल बनाने से ही स्वास्थ्य क्रांति नहीं आएगी। एचआईवी, हेपेटाइटिस और हार्ट अटैक जैसी बीमारियों से निपटने के लिए जन-जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। दूषित पानी और अस्वच्छ खान-पान से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए स्वच्छता अभियान और जीवनशैली में बदलाव अनिवार्य है। हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचानना और समय पर अस्पताल पहुंचना आज के समय में जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है। पटना का स्वास्थ्य ढांचा अब एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में बिहार को मेडिकल टूरिज्म का केंद्र बना सकता है।
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