बाबा रामदेव की बढ़ी मुश्किलें: ‘हिंदू राष्ट्र’ और विवादित टिप्पणी पर मुजफ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दर्ज
मुजफ्फरपुर की अदालत में योग गुरु के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग
योग गुरु बाबा रामदेव एक बार फिर कानूनी विवादों के घेरे में हैं। इस बार मामला उनके द्वारा ‘हिंदू राष्ट्र’ और मुस्लिम समुदाय को लेकर दिए गए बयानों से जुड़ा है। मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में उनके खिलाफ एक परिवाद दायर किया गया है, जिसने देशभर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले तमन्ना हाशमी ने यह परिवाद दाखिल किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाबा रामदेव ने विभिन्न समाचार चैनलों के माध्यम से एक विशेष समुदाय के प्रति आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां की हैं। हाशमी का कहना है कि इन बयानों से न केवल उनकी व्यक्तिगत धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंची है।
समाज में तनाव फैलने की आशंका
परिवाद में इस बात पर विशेष चिंता जताई गई है कि एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा इस तरह की बयानबाजी से समाज में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है और धार्मिक उन्माद फैलने का खतरा पैदा हो सकता है। शिकायतकर्ता ने अदालत से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बाबा रामदेव के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
अदालत का रुख और अगली सुनवाई
मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट ने इस परिवाद को संज्ञान में लेते हुए स्वीकार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 21 जुलाई 2026 तय की है। इस दिन अदालत यह तय करेगी कि मामले में आगे की प्रक्रिया क्या होगी और क्या बाबा रामदेव को समन जारी कर तलब किया जाएगा।
- शिकायतकर्ता: तमन्ना हाशमी (भिखनपुर, मुजफ्फरपुर)
- आरोप: धार्मिक भावनाओं को आहत करना और सांप्रदायिक तनाव भड़काना
- अगली सुनवाई: 21 जुलाई 2026
फिलहाल, इस मामले पर योग गुरु की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन मुजफ्फरपुर की अदालत में दर्ज इस परिवाद ने कानूनी हलकों में हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की निगाहें 21 जुलाई की तारीख पर टिकी हैं, जब अदालत इस मामले में अपना अगला कदम उठाएगी।
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