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बीआरएबीयू में एबीवीपी का अनिश्चितकालीन धरना: छात्रों की मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन

मुजफ्फरपुर स्थित बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। छात्रों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर यह आंदोलन विश्वविद्यालय परिसर में जोर पकड़ रहा है, जिससे विश्वविद्यालय का दैनिक प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है।

एबीवीपी का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर उदासीन रवैया अपना रहा है। परिषद के प्रांत कार्यालय मंत्री श्रीनिवास ने बताया कि प्रशासन ने पूर्व में हुई बातचीत में जिन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसी निष्क्रियता के विरोध में छात्रों ने यह कदम उठाया है।

प्रमुख मांगें और छात्रों की चिंताएं

छात्रों की मुख्य मांगों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए मुफ्त इंटर्नशिप की व्यवस्था।
  • एक सक्रिय और प्रभावी कैंपस प्लेसमेंट सेल की स्थापना, जिससे छात्रों को रोजगार के अवसर मिल सकें।
  • जिन छात्रों का दाखिला रद्द हो गया है, उनकी फीस की तत्काल वापसी।
  • शैक्षणिक सत्र को नियमित करना ताकि छात्रों का भविष्य अधर में न लटके।
  • परीक्षा परिणामों में होने वाली गड़बड़ियों को सुधारना।
  • कॉलेजों में शुद्ध पेयजल और स्वच्छ शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार।

एबीवीपी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि रविवार को हुई समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट हो गया था कि प्रशासन केवल खोखले आश्वासन दे रहा है और जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण हजारों छात्रों का भविष्य अनिश्चितता में है।

लिखित आश्वासन तक जारी रहेगा प्रदर्शन

छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी सभी जायज मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिखित और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक यह धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। मंगलवार को एबीवीपी के बैनर तले भारी संख्या में छात्र बीआरएबीयू प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार के सामने एकजुट हुए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बड़े आंदोलन ने विश्वविद्यालय के कामकाज को पूरी तरह से बाधित कर दिया है, जिससे प्रशासनिक गतिविधियों पर गहरा असर पड़ा है। छात्रों का दृढ़ संकल्प है कि वे अपनी मांगों को मनवा कर ही दम लेंगे।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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