मुजफ्फरपुर जंक्शन का कायाकल्प: विश्वस्तरीय स्टेशन बनने में लगेंगे दो साल, जानिए क्या-क्या बदलेगा
मुजफ्फरपुर जंक्शन को विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन में बदलने की महत्वाकांक्षी ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्यों का पूर्व मध्य रेल (ईसीआर) के महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग ने गुरुवार को गहन निरीक्षण किया। लगभग तीन घंटे तक चले इस मुआयने के दौरान, जीएम ने प्लेटफॉर्म, फुट ओवर ब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया, निर्माणाधीन कंबाइंड टर्मिनल बिल्डिंग और स्काईवॉक का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की धीमी गति पर संबंधित अधिकारियों से जवाब भी तलब किया।
निरीक्षण के बाद महाप्रबंधक गर्ग ने बताया कि मुजफ्फरपुर जंक्शन को पूरी तरह से विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित होने में अभी लगभग दो वर्ष का समय और लगेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 60 हजार यात्री जंक्शन का उपयोग करते हैं, लेकिन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे तीन गुना अधिक, यानी 1.8 लाख यात्रियों की क्षमता के अनुसार तैयार किया जा रहा है। बढ़ती रेल यातायात की मांगों को पूरा करने और ट्रेनों की संख्या में वृद्धि के लिए तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
पुनर्विकास की प्रमुख रूपरेखा
- मुख्य इमारत का पुनर्निर्माण: आगामी छठ महापर्व के बाद जंक्शन की वर्तमान मुख्य इमारत को तोड़कर नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू करने के लिए संबंधित एजेंसी को सौंपा जाएगा।
- भव्य कॉनकोर्स: नए डिजाइन के तहत यात्रियों की सुविधा के लिए एक विशाल कॉनकोर्स बनाया जाएगा, जो सीधे मुख्य भवन से जुड़ा होगा। इससे यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर आवाजाही में काफी आसानी होगी।
- क्षमता विस्तार: स्टेशन की यात्री क्षमता को वर्तमान 60 हजार से बढ़ाकर 1.8 लाख प्रतिदिन किया जाएगा, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
- नई रेल लाइनें: रेल यातायात को सुगम बनाने और अधिक ट्रेनों के संचालन के लिए तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का काम भी प्रगति पर है।
निरीक्षण के दौरान, महाप्रबंधक ने प्लेटफॉर्म संख्या-8 की रेल लाइन पर जलजमाव की स्थिति को देखकर गहरी नाराजगी व्यक्त की और तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, प्लेटफॉर्म एक और दो को जोड़ने वाले पुराने फुट ओवर ब्रिज के जर्जर ढांचे को अब तक न हटाए जाने पर उन्होंने रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) के अधिकारियों पर भी नाराजगी जताई और इसे तुरंत हटाने के सख्त आदेश दिए।
यह पुनर्विकास योजना अपने निर्धारित लक्ष्य से थोड़ी पीछे चल रही है। हालांकि, एक वर्ष पूर्व तत्कालीन रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने भी निर्माण कार्य में दो वर्ष और लगने की बात कही थी, जिसकी पुष्टि अब वर्तमान जीएम ने भी की है। मुजफ्फरपुर जंक्शन का यह कायाकल्प शहर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी, जिससे यात्रियों को आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
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