मुजफ्फरपुर: दिघरा एसटीपी निर्माण को मिलेगी गति, बुडको लीज पर लेगा विवादित भूमि
मुजफ्फरपुर के दिघरा में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दो वर्षों से अधिक समय से भूमि विवाद और अतिक्रमण के कारण अटकी इस परियोजना को अब गति मिलने की उम्मीद है। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) ने विवादित भूमि को लीज पर लेकर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
यह परियोजना अमृत योजना के तहत क्रियान्वित की जा रही है और इसकी क्षमता प्रतिदिन 0.25 मिलियन लीटर (25 लाख लीटर) गंदे पानी के शोधन की होगी। इस एसटीपी के पूरा होने से मिठनपुरा, रामबाग, बेला और शिवशंकर पथ सहित शहर के पूर्वी हिस्सों को जलजमाव की समस्या से स्थायी निजात मिलेगी। शोधित पानी को तिरहुत कैनाल में बहाया जाएगा, जिसका उपयोग खेतों की सिंचाई के लिए भी किया जा सकेगा, जिससे पर्यावरण और कृषि दोनों को लाभ होगा।
भूमि विवाद और समाधान की दिशा में प्रयास
एसटीपी निर्माण स्थल पर 100 मीटर से अधिक भूमि पर विवाद चल रहा था, जिसमें से अधिकांश हिस्से को प्रशासनिक सहयोग से खाली करा लिया गया है। हालांकि, अभी भी लगभग 35 मीटर (लगभग 2.5 डिसमिल) भूमि पर पेंच फंसा हुआ है। बुडको के कार्यपालक अभियंता नारायण दूबे ने बताया कि रैयती लीज नीति के तहत इस शेष भूमि को लीज पर लेकर नाला निर्माण का काम जल्द शुरू किया जाएगा। यह नीति भूमि मालिकों को उनकी जमीन के बदले उचित लीज राशि प्रदान करती है, जिससे परियोजना को कानूनी और सामाजिक रूप से स्वीकार्य तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
स्थानीय विरोध और पुनर्वास का मुद्दा
इस बीच, स्थानीय सरपंच चंदन कुमार ने परियोजना के संबंध में कुछ चिंताएं व्यक्त की हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में गरीबों की झोपड़ियों को हटा दिया गया था, लेकिन उन्हें अभी तक उचित रूप से पुनर्वसित नहीं किया गया है। सरपंच ने स्पष्ट किया है कि जब तक 2.5 डिसमिल जमीन का मुआवजा या लीज राशि का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। मुशहरी अंचल प्रशासन द्वारा जमीन की नापी पूरी कर रिपोर्ट भेज दी गई है, जिससे उम्मीद है कि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकाला जा सकेगा।
यह परियोजना मुजफ्फरपुर शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल जलजमाव की समस्या का समाधान करेगी बल्कि शहर के स्वच्छता मानकों को भी बेहतर बनाएगी। बुडको और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से उम्मीद है कि यह परियोजना जल्द ही अपने अंतिम चरण तक पहुंचेगी और शहरवासियों को इसका लाभ मिल सकेगा।
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