मुजफ्फरपुर: भुईयां बाबा पूजा में मातम, करंट लगने से युवक की दर्दनाक मौत
पूजा की खुशियां बदलीं गम में
मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र के अमैठा गांव में एक धार्मिक आयोजन के दौरान हुए हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। भुईयां बाबा की पूजा के दौरान बिजली के करंट की चपेट में आने से एक 27 वर्षीय युवक की जान चली गई, जबकि एक बच्चा बाल-बाल बच गया। इस घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग सदमे में हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को गांव के सरकारी स्कूल परिसर में भुईयां बाबा की पूजा का आयोजन किया गया था। आयोजन के लिए बिजली की व्यवस्था जनरेटर से की गई थी। पूजा के दौरान जब जनरेटर बंद कर मुख्य बिजली लाइन से तार जोड़ने की कोशिश की जा रही थी, तभी अचानक करंट दौड़ गया।
इस दौरान वहां मौजूद 11 वर्षीय जितेश कुमार सबसे पहले बिजली की चपेट में आ गया। उसे तड़पता देख पास ही खड़े 27 वर्षीय सत्यनारायण कुमार उसे बचाने के लिए दौड़े। इसी प्रयास में सत्यनारायण भी करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।
अस्पताल में तोड़ा दम
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने आनन-फानन में दोनों को सरैया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद जितेश की स्थिति में सुधार होने पर उसे घर भेज दिया गया, लेकिन सत्यनारायण की हालत काफी नाजुक बनी हुई थी। उन्हें बेहतर इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच रेफर किया गया, जहां शनिवार को उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही जैतपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के तारों में लापरवाही के कारण यह बड़ा हादसा हुआ है। मृतक सत्यनारायण के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव के लोग इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं और प्रशासन से उचित जांच की मांग कर रहे हैं।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।



