मुजफ्फरपुर में खौफ का अंत: शूटर गोविंद शर्मा की हत्या के बाद गैंगवार की आहट से सहमा शहर
मुजफ्फरपुर में वर्चस्व की जंग का खूनी अध्याय
मुजफ्फरपुर के अपराध जगत में लंबे समय से दहशत का पर्याय बने शार्प शूटर गोविंद शर्मा की हत्या ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। रविवार की रात आइकॉन टावर के पास हुई इस वारदात ने न केवल पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है, बल्कि शहर में गैंगवार की नई आशंकाओं को भी जन्म दे दिया है। 37 वर्षीय गोविंद शर्मा की हत्या को एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा माना जा रहा है।
घात लगाकर बैठे थे हमलावर
प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज से संकेत मिलते हैं कि हमलावरों को गोविंद की गतिविधियों की सटीक जानकारी थी। रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे जब गोविंद अपने वाहन से उतरकर लीची का झोला लिए अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर पहुंचा, तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने उसे घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में गोविंद की मौके पर ही मौत हो गई।
अपराध से प्रॉपर्टी तक फैला था नेटवर्क
गोविंद शर्मा का नाम पिछले एक दशक से मुजफ्फरपुर के अपराध जगत में चर्चा का विषय रहा था। शंभू-मंटू गैंग से जुड़ा रहा गोविंद बाद में मंटू शर्मा का बेहद करीबी बन गया था। उसने न केवल आपराधिक दुनिया में अपनी पैठ बनाई, बल्कि प्रॉपर्टी डीलिंग के क्षेत्र में भी उसका खासा दखल था। जमीन विवादों में उसकी संलिप्तता के कारण कई बार कानून-व्यवस्था के लिए चुनौतियां खड़ी हुई थीं। उसके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।
पुलिस की जांच और एसआईटी का गठन
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने सिटी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस अपार्टमेंट परिसर में मिली फॉर्च्यूनर समेत अन्य वाहनों की जांच कर रही है। गोविंद के हालिया धार्मिक आयोजनों और मध्य प्रदेश यात्रा के बाद उसकी हत्या को आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस अब उन सभी पहलुओं पर काम कर रही है, जिनसे यह पता चल सके कि इस हत्याकांड के पीछे कौन से चेहरे छिपे हैं।
बदले की आशंका से पुलिस अलर्ट
गोविंद का नेटवर्क झारखंड तक फैला हुआ था और उसके संपर्क में बड़ी संख्या में युवा थे। उसकी हत्या के बाद उसके समर्थकों में भारी आक्रोश है, जिसके चलते खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस को डर है कि इस घटना के बाद शहर में गैंगवार की एक नई और खतरनाक कड़ी शुरू हो सकती है। फिलहाल, पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है।
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