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मुजफ्फरपुर में गहराया पेयजल संकट: 39 नल-जल योजनाएं ठप, 50 हजार लोग प्रभावित

मुजफ्फरपुर जिले में ‘हर घर नल का जल’ योजना की जमीनी हकीकत चिंताजनक है। सात प्रखंडों में कुल 39 जलापूर्ति योजनाएं ठप पड़ी हैं, जिससे लगभग 50 हजार की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। दीपावली और छठ जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों से पहले इस स्थिति ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है।

विभागीय समीक्षा बैठकों में सामने आया है कि मोतीपुर प्रमंडल की 28 और मुजफ्फरपुर प्रमंडल की 11 जलापूर्ति योजनाएं बंद हैं। मोतीपुर क्षेत्र के सरैया, पारू, कुढ़नी और कांटी के साथ-साथ मुजफ्फरपुर प्रमंडल के मुशहरी, कटरा और सकरा के गांव विशेष रूप से प्रभावित हैं। इन इलाकों में लोगों को पानी के लिए चापाकल, कुएं और निजी बोरिंग पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

योजनाएं ठप होने के प्रमुख कारण

  • पंप ऑपरेटरों के मानदेय का भुगतान न होना।
  • पाइपलाइन का क्षतिग्रस्त होना।
  • निजी जमीन से जुड़े विवाद।
  • बिजली के खंभों की कमी।
  • संवेदकों की धीमी कार्यशैली।

इसके अतिरिक्त, सरकारी निरीक्षण रिपोर्ट में 25 अन्य स्थानों पर भी जलापूर्ति बाधित होने की बात सामने आई है। इनमें गायघाट में 12, मुशहरी में 8, सकरा और बोचहां में 2-2, तथा बंदरा में 1 योजना बंद मिली। कहीं मोटर जलने तो कहीं पाइपलाइन में गड़बड़ी के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित है। कांटा पिरोछा गांव में तेज हवा से पानी की टंकी क्षतिग्रस्त होने का मामला भी सामने आया है।

शिकायत निवारण में सुस्ती

समीक्षा के दौरान शिकायत निवारण व्यवस्था की सुस्ती भी उजागर हुई है। सीजीआरसी पोर्टल पर मोतीपुर प्रमंडल की 91 और मुजफ्फरपुर प्रमंडल की 63 शिकायतें लंबित पाई गईं। इन शिकायतों में मुख्य रूप से पंप ऑपरेटरों के मानदेय भुगतान, पाइपलाइन लीकेज और बिजली के खंभे न लगने से संबंधित मामले शामिल हैं। अधिकारियों को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर इन शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्यपालक अभियंता, मुजफ्फरपुर, मो. सम्मी अख्तर ने बताया कि जहां कहीं भी नल से जल की आपूर्ति में बाधा है, संबंधित कनीय अभियंता को तुरंत निर्देशित किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि मरम्मत अभियान लगातार जारी है और स्थानीय विवादों के कारण बाधित आपूर्ति को भी निपटाया जा रहा है। हालांकि, त्योहारों से पहले इस संकट का समाधान ग्रामीणों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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