मुजफ्फरपुर में चंदवारा पुल कनेक्टिविटी को रफ्तार: भूमि अधिग्रहण के लिए मिले 6 करोड़, मुआवजे की प्रक्रिया तेज
सड़क निर्माण की राह हुई आसान
मुजफ्फरपुर में चंदवारा फेज-2 परियोजना के तहत जेल चौक से सिपाहपुर तक बनने वाली तीन किलोमीटर लंबी सड़क के लिए वित्तीय बाधाएं दूर होती दिख रही हैं। पुल निर्माण निगम ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए जिला भू-अर्जन कार्यालय को छह करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की है। इस आवंटन के साथ ही अब तक कुल 20 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है, जिससे सड़क निर्माण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
दरभंगा एनएच से जुड़ेगा शहर
इस सड़क का मुख्य उद्देश्य चंदवारा पुल को सीधे दरभंगा एनएच से जोड़ना है। इस कनेक्टिविटी के बनने से शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी और आवागमन सुगम होगा। परियोजना के तहत पांच मौजा में करीब 12 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इस पूरी प्रक्रिया पर कुल 57 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
मुआवजा और कागजी प्रक्रिया
भू-अर्जन कार्यालय ने रैयतों के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया है। अब तक तीन रैयतों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शेष रैयतों को अपने जमीन संबंधी दस्तावेज जैसे अपडेटेड एलपीसी, भू-लगान रसीद और अन्य आवश्यक कागजात तैयार रखने होंगे। यदि जमीन को लेकर कोई विवाद है, तो आपसी सहमति पत्र जमा करना अनिवार्य है। अगले सप्ताह से फिर से शिविर लगाकर दस्तावेजों की जांच की जाएगी और नियमानुसार मुआवजा वितरित किया जाएगा।
विवादों का समाधान
परियोजना के दौरान भूमि की श्रेणी को लेकर कुछ रैयतों ने आपत्ति जताई थी। उनका तर्क था कि सड़क के किनारे स्थित होने के बावजूद उनकी जमीन को कम एमवीआर वाली श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, जिला भू-अर्जन कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि श्रेणी में बदलाव संभव नहीं है, लेकिन बातचीत के जरिए असंतुष्ट रैयतों को मुआवजा लेने के लिए राजी कर लिया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि बिना किसी कानूनी अड़चन के भूमि अधिग्रहण का कार्य जल्द पूरा कर लिया जाए ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो।
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