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मुजफ्फरपुर में निगम कर्मचारियों का प्रदर्शन: 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, शहर में बढ़ सकती है परेशानी

मुजफ्फरपुर नगर निगम के कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को निगम कार्यालय का घेराव किया और जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे आगामी 3 नवंबर से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस हड़ताल में 1300 से अधिक सफाईकर्मियों सहित अन्य निगमकर्मी शामिल होंगे, जिससे दीपावली से पहले शहर में सफाई व्यवस्था ठप होने की आशंका है और शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

प्रमुख मांगें और आंदोलन का कारण

कर्मचारियों की मुख्य मांगों में श्रावणी मेले के दौरान हुई हड़ताल अवधि के लंबित वेतन का भुगतान, समय पर पीएफ (भविष्य निधि) और ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) की राशि जमा करना, बकाया पेंशन और अन्य वेतन संबंधी राशियों का भुगतान शामिल है। इसके अतिरिक्त, अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन और दैनिक वेतनभोगी व आउटसोर्सिंग कर्मियों को निर्धारित समय पर वेतन भुगतान भी उनकी मांगों में प्रमुख हैं।

नगर निगम कर्मचारी संघ और नगर निगम कामगार यूनियन संघर्ष मोर्चा के संयोजक अशोक राय और सह-संयोजक सत्येंद्र प्रसाद सिंह ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देता है, तो वे राज्यव्यापी हड़ताल में शामिल होने के लिए मजबूर होंगे।

समझौते का उल्लंघन और भविष्य की रणनीति

बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन के प्रदेश महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि नगर विकास मंत्री के साथ हुए समझौते पर विभागीय और निकाय स्तर पर अमल नहीं होने के कारण यह आंदोलन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुए समझौतों का पालन न होने से कर्मचारियों में भारी रोष है।

प्रदर्शन के बाद, मोर्चा के एक प्रतिनिधिमंडल ने निगम कार्यालय में अधिकारियों को नगर आयुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के निर्णय से अवगत कराया गया। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी जायज मांगों के लिए तब तक संघर्ष करते रहेंगे जब तक उन्हें पूरा नहीं किया जाता।

यदि यह हड़ताल होती है, तो मुजफ्फरपुर शहर में विशेषकर सफाई कार्य बुरी तरह प्रभावित होगा, जिससे शहर की स्वच्छता और जनजीवन पर गहरा असर पड़ सकता है। प्रशासन और निगम कर्मचारियों के बीच इस गतिरोध का समाधान दीपावली से पहले निकालना अत्यंत आवश्यक है ताकि शहरवासियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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