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मुजफ्फरपुर में बाढ़ पीड़ितों को मिलेगी सहायता, फसल और मकान क्षति का होगा विस्तृत सर्वेक्षण

मुजफ्फरपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा रही है। जिला प्रशासन ने बाढ़ से हुए फसल और मकानों के नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने सभी संबंधित विभागों को इस दिशा में सक्रियता से काम करने और अनुग्रह अनुदान वितरण प्रक्रिया को गति देने को कहा है।

स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान

बाढ़ का पानी घटने के बाद जल-जनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकायों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

  • ब्लीचिंग पाउडर और चूना छिड़काव: प्रभावित इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर और चूने का नियमित छिड़काव सुनिश्चित किया जाएगा ताकि संक्रमण को रोका जा सके।
  • फागिंग अभियान: सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में लगातार फागिंग कराएं, जिससे मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके।
  • मेडिकल कैंप: डायरिया, त्वचा संक्रमण, बुखार और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी बीमारियों से बचाव के लिए मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
  • सर्पदंश का इलाज: सर्पदंश के मामलों में त्वरित और प्रभावी इलाज सुनिश्चित करने के लिए सख्त हिदायत दी गई है।
  • पेयजल सुरक्षा: पीएचईडी विभाग को चापाकालों की क्लोरीन से सफाई और पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है ताकि स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

बुनियादी ढांचे की मरम्मत और कृषि क्षति का आकलन

बाढ़ के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचे की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है।

  • सड़क मरम्मत: कटरा, गायघाट, जयमल डुमरी और हुस्सेपुर जैसे क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की जल्द से जल्द मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं। पथ निर्माण विभाग और एनएचएआई को भी मुख्य मार्गों को दुरुस्त करने का काम सौंपा गया है।
  • फसल क्षति सर्वेक्षण: जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे बाढ़ से हुए फसल नुकसान का पंचायतवार विस्तृत सर्वेक्षण करें। यह रिपोर्ट सात दिनों के भीतर सौंपनी होगी, जिसके आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि बाढ़ प्रभावित सभी लोगों तक समय पर सहायता पहुंचे और सामान्य जनजीवन जल्द से जल्द पटरी पर लौट सके।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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