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मुजफ्फरपुर में मौसम का नया मिजाज: बारिश से किसानों को राहत, अगले 24 घंटे अहम

मुजफ्फरपुर में पिछले दिनों हुई बारिश ने जहां किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी है, वहीं शहरी जनजीवन को भी प्रभावित किया। चक्रवाती तूफान के कारण हुई इस वर्षा को धान की फसल के लिए बेहद लाभदायक बताया जा रहा है। हालांकि, अब मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं और अगले 24 घंटे मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

मौसम का पूर्वानुमान और किसानों को लाभ

रविवार सुबह से मुजफ्फरपुर में बारिश की तीव्रता कम होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से आसमान साफ होने की उम्मीद है, हालांकि अगले चार दिनों तक हल्के से मध्यम बादल छाए रह सकते हैं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के मुताबिक, इस अवधि में अधिकतम तापमान 23 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञानी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण चक्रवाती तूफान का असर देखा गया, जिससे मुजफ्फरपुर समेत सीवान, गोपालगंज, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के कुछ हिस्सों में गरज के साथ अच्छी बारिश हुई। यह बारिश विशेष रूप से धान की फसल के लिए वरदान साबित हुई है।

बारिश की कमी और सितंबर का सुधार

इस साल जून से अगस्त तक जिले में सामान्य से लगभग 50 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, जिससे खरीफ फसलों पर संकट गहरा गया था। हालांकि, सितंबर में स्थिति में कुछ सुधार आया और वर्षा औसत के करीब पहुंच गई। जिला कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 25 सितंबर तक जिले में 174 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि सितंबर का वास्तविक औसत वर्षापात 158.54 मिलीमीटर है। सामान्य वर्षापात 208.8 मिलीमीटर की तुलना में सितंबर की बारिश लगभग 8.89 प्रतिशत कम रही।

  • जून में सामान्य 164.1 मिमी के मुकाबले केवल 72.89 मिमी बारिश हुई (55.58% कम)।
  • जुलाई में 304.8 मिमी के मुकाबले 153.85 मिमी बारिश हुई (लगभग 49% कम)।
  • अगस्त में 292.7 मिमी के मुकाबले 147.91 मिमी बारिश हुई (लगभग 49% कम)।

लगातार कम बारिश के कारण किसानों को भारी चिंता थी, लेकिन सितंबर के अंतिम दिनों में हुई इस बारिश ने उन्हें बड़ी राहत दी है। जिला कृषि पदाधिकारी भारत भूषण ने बताया कि मानसून अभी भी सक्रिय है और हाल की बारिश से धान की फसल, खासकर हथिया नक्षत्र में बची फसलों को काफी फायदा हुआ है।

क्षेत्रवार वर्षा का विवरण

सितंबर में अब तक सकरा में सर्वाधिक 245.20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद मुरौल में 242.40 मिमी, साहेबगंज में 213.60 मिमी और कटरा में 212.60 मिमी वर्षा हुई। वहीं, पारू में सबसे कम 88.20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अन्य प्रखंडों में भी अलग-अलग मात्रा में वर्षा हुई है, जिसने खेतों की स्थिति को काफी हद तक सुधारा है। हालांकि, जून से अगस्त तक हुई बारिश की कमी की पूरी भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सितंबर की बारिश ने किसानों को सिंचाई के लिए डीजल अनुदान सहित अन्य स्तरों पर भी सहयोग प्रदान किया है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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