मुजफ्फरपुर में 700 एकड़ में बनेगा नया औद्योगिक क्षेत्र: पारू में निवेश और रोजगार के खुलेंगे द्वार
मुजफ्फरपुर जिले में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। बेला और मोतीपुर के बाद अब पारू प्रखंड में लगभग 700 एकड़ भूमि पर एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस कदम का उद्देश्य जिले में निवेश के अनुकूल माहौल बनाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जिलाधिकारी कुमार गौरव ने हाल ही में पारू और मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधारभूत संरचना को मजबूत करके ही जिले में निवेश को आकर्षित किया जा सकता है। पारू को एक नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे न केवल औद्योगिक निवेश बढ़ेगा बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए पांच मौजों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसमें निम्नलिखित मौजे शामिल हैं:
- चांदपुर चिउटारा मौजा: लगभग 250 एकड़
- चतुरपट्टी मौजा: 150 एकड़
- भोजपट्टी मौजा: 95 एकड़
- हरपुर कपरफोरा मौजा: 120 एकड़
- विशुनपुर सरैया मौजा: लगभग 85 एकड़
जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि सभी मौजों में भूमि की उपलब्धता, सीमांकन और अन्य प्रक्रियाओं को नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि रैयतों को विधिसम्मत और पारदर्शी तरीके से मुआवजा भुगतान किया जाए।
बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर
औद्योगिक क्षेत्र के सुगम संचालन के लिए कनेक्टिविटी एक महत्वपूर्ण कारक है। जिलाधिकारी ने पहले ही एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें पारू के प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को जिले से गुजर रहे निर्माणाधीन पटना-बेतिया फोरलेन से जोड़ने का आग्रह किया गया है। बेहतर सड़क संपर्क से उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार माल की ढुलाई में सुविधा होगी, जिससे लॉजिस्टिक लागत कम होगी और निवेशकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
यह कनेक्टिविटी न केवल उद्योगों को लाभ पहुंचाएगी, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को भी गति देगी। इससे उत्पादों को राज्य और देश के अन्य बाजारों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा, जिससे स्थानीय व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
जिलाधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की औद्योगिक नीति के अनुरूप प्रशासन उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार प्रयासरत है। पारू का यह नया औद्योगिक क्षेत्र मुजफ्फरपुर को राज्य के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे जिले का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। औद्योगिक इकाइयों के साथ परिवहन, भंडारण, पैकेजिंग और सेवा क्षेत्र से जुड़े सहायक व्यवसाय भी विकसित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बहुआयामी लाभ मिलेगा।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।



