मुजफ्फरपुर: स्कूल की छत पर 11 हज़ार वोल्ट तार की चपेट में आने से दो छात्राएं झुलसीं, एक गंभीर
मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। स्कूल की छत के पास से गुजर रहे 11 हज़ार वोल्ट के बिजली के तार की चपेट में आने से सातवीं कक्षा की दो छात्राएं झुलस गईं। इस घटना में एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि दूसरी को सिर और पैर में चोटें आई हैं।
यह घटना दोपहर के भोजन के समय हुई, जब छात्राएं स्कूल की छत पर टिफिन करने गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीन छात्राओं को करंट लगा, लेकिन इनमें से दो की स्थिति ज़्यादा गंभीर थी। घायल छात्राओं की पहचान संध्या कुमारी और नंदिनी कुमारी के रूप में हुई है। संध्या ज़्यादा झुलसी हुई हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। नंदिनी ने बताया कि दोपहर 9:40 बजे लंच हुआ था और वे हाईस्कूल की छत पर टिफिन करने गई थीं। जैसे ही संध्या ने दीवार को छुआ, उन्हें करंट लग गया। अन्य दो छात्राएं उन्हें बचाने दौड़ीं, लेकिन वे भी झटके से दूर जा गिरीं। इस घटना के बाद स्कूल में अफरातफरी मच गई और बच्चे दहशत में स्कूल से भागने लगे।
ग्रामीणों का हंगामा और स्कूल प्रशासन पर आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना था कि घायल बच्चियों को अस्पताल ले जाने में देरी की गई और स्कूल के भीतर गाड़ी होने के बावजूद उसका इस्तेमाल नहीं किया गया। उनका आरोप है कि जब उन्होंने शोर मचाया, तब जाकर बच्चियों को अस्पताल ले जाया गया।
हालांकि, स्कूल के प्रधानाध्यापक पांडव राय ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही बच्चियों को तुरंत एसकेएमसीएच (श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) ले जाया गया और वे 10:15 बजे तक अस्पताल पहुंच चुके थे। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चियों के परिजनों को भी सूचित कर दिया गया था और एक बच्ची की मां 11 बजे तक अस्पताल पहुंच चुकी थीं। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चियों को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। प्रधानाध्यापक ने स्पष्ट किया कि बिजली का तार हाईस्कूल की छत की तरफ है।
शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई
जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कुमार अरविंद सिन्हा ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना 10:30 बजे मिली। इसके तुरंत बाद उन्होंने स्कूल के प्राचार्य से संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि वे बच्चियों को लेकर एसकेएमसीएच में हैं। डीईओ सिन्हा 10:45 बजे स्वयं एसकेएमसीएच पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि उस समय एक बच्ची के अभिभावक और दूसरी बच्ची की मकान मालकिन मौजूद थीं, जिसके थोड़ी देर बाद मां और बुआ भी पहुंच गईं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें घटना की जानकारी 9 बजे के बजाय 12 बजे तक नहीं दी गई थी।
यह घटना स्कूल परिसर में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर जब 11 हज़ार वोल्ट का बिजली का तार स्कूल की छत के इतने करीब से गुजर रहा हो। प्रशासन द्वारा इस मामले की गहन जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की उम्मीद है।
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