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मुजफ्फरपुर: 29 करोड़ के मॉडल अस्पताल में पानी-पानी, ऑपरेशन थिएटर बना तालाब

29 करोड़ की लागत पर पानी फिरा

मुजफ्फरपुर के मॉडल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर किए गए दावों की पोल शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश ने खोल दी। करीब 29 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार इस आधुनिक अस्पताल में जलजमाव की समस्या ने न केवल व्यवस्थाओं को ठप कर दिया, बल्कि मरीजों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज एक साल पहले शुरू हुए इस अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में बारिश का पानी घुसने से अफरा-तफरी मच गई।

ओटी में भरा गंदा पानी, उपकरण खतरे में

शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के दौरान अस्पताल की छत का पानी ड्रेनेज सिस्टम के फेल होने के कारण सीधे ऑपरेशन थिएटर के अंदर जमा होने लगा। कर्मचारियों के अनुसार, पाइपलाइन के जरिए आया यह गंदा पानी ओटी के स्टेराइल वातावरण को पूरी तरह दूषित कर गया। वहां मौजूद लाखों रुपये के अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण पानी की चपेट में आ गए, जिससे उनके खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि ओटी में पानी भरने से वहां काम करना असंभव हो गया था, जिससे नियमित सर्जरी और अन्य प्रक्रियाएं बाधित हुईं।

मरीजों की परेशानी और बदहाल व्यवस्था

अस्पताल की इस बदहाली का सीधा असर मरीजों पर पड़ा। ऑपरेशन थिएटर में पानी भरने के कारण करीब एक दर्जन मरीजों को ड्रेसिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए इमरजेंसी वार्ड की शरण लेनी पड़ी। मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। केवल ओटी ही नहीं, बल्कि पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) और जिला मलेरिया कार्यालय परिसर में भी जलजमाव की स्थिति बनी रही, जिससे वहां आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल

14 मई 2025 को उद्घाटन के बाद से ही यह अस्पताल अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए चर्चा में था। भवन निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) के पास है। महज एक साल के भीतर ड्रेनेज सिस्टम का फेल होना निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करता है। अस्पताल प्रबंधक प्रवीण कुमार ने इसे तकनीकी खामी करार देते हुए विभाग को रिपोर्ट भेजने की बात कही है। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने और महंगे उपकरणों को सुरक्षित रखा जा सके।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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