मुजफ्फरपुर MIT में रैगिंग का मामला: दो छात्रों को ड्रेस कोड और लंबे बालों पर धमकाया
मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) एक बार फिर रैगिंग के आरोपों से घिर गया है। संस्थान के 2026 बैच के दो बीएमआर छात्रों ने अपने सीनियरों पर रैगिंग का आरोप लगाया है। छात्रों की शिकायत के अनुसार, उन्हें ड्रेस कोड का पालन न करने और लंबे बाल रखने को लेकर धमकाया गया। यह घटना कॉलेज परिसर में आईटी बिल्डिंग के पास हुई, जहां प्रथम वर्ष की कक्षाएं संचालित होती हैं।
पीड़ित छात्रों ने कॉलेज प्रशासन को लिखित शिकायत दी है, जिसके बाद एंटी-रैगिंग कमेटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्रों ने बताया कि सीनियरों ने उन्हें लगभग आधे घंटे तक रोके रखा, उनका रास्ता रोका और अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकाया। उनसे पूछा गया कि वे ड्रेस क्यों नहीं पहनते और अंडरशर्टिंग कर क्यों घूमते हैं। सीनियरों ने यह भी कहा कि वे उनकी बात नहीं मानेंगे। छात्रों ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि उन्हें सीनियरों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
कॉलेज प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुशासन समिति को भेज दिया है। समिति अब इस पर आगे की कार्रवाई करेगी। कॉलेज में सभी जूनियर छात्रों को यह निर्देश दिया गया है कि यदि उनके साथ कोई रैगिंग या धमकी की घटना होती है, तो वे तुरंत कॉलेज प्रशासन को सूचित करें। इसी निर्देश के तहत पीड़ित छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई है। छात्रों ने ऐसी घटनाओं को रोकने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पिछले सप्ताह ही MIT के छात्रावास में मारपीट का एक अन्य मामला सामने आया था। उस मामले में कॉलेज प्रशासन ने 14 छात्रों को नोटिस जारी किया है और उन्हें बुधवार को अनुशासन समिति के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। छात्रावास में रहने वाले 13 छात्रों ने सिविल ब्रांच के एक छात्र पर मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि बाहर रहने वाले सिविल ब्रांच के छात्र ने मारपीट को लेकर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस मामले में ईसीई के दो, आईटी के दो, सिविल के पांच और इलेक्ट्रिकल के चार छात्रों को नोटिस भेजा गया है।
इसके अतिरिक्त, MIT के छात्रावास संख्या एक में मेस के ठीक पीछे बहने वाले नाले से आ रही दुर्गंध को लेकर भी शिकायतें मिली हैं। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से नाले की सफाई न होने के कारण छात्रावास में रहना मुश्किल हो गया है। कॉलेज प्रशासन ने हाल ही में छात्रावास और मेस का निरीक्षण किया, जिसमें साफ-सफाई तो पहले से बेहतर पाई गई, लेकिन दुर्गंध की समस्या अभी भी बनी हुई है।
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