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रामेश्वर कॉलेज में ‘कॉलेज के टशनबाज’ कार्यक्रम: शिक्षा के साथ प्रतिभा विकास पर जोर

मुजफ्फरपुर। शहर के रामेश्वर कॉलेज में मंगलवार को ‘कॉलेज के टशनबाज’ नामक एक अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों में शिक्षा के साथ-साथ बहुमुखी प्रतिभा का विकास करना था। किशोरी सिन्हा सभागार में हुए इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. श्यामल किशोर ने उद्घाटन किया और युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ऐसे मंचों की आवश्यकता पर बल दिया।

यह टैलेंट हंट प्रतियोगिता एक निजी रेडियो स्टेशन द्वारा प्रायोजित थी, जिसने छात्रों को अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। प्राचार्य प्रो. श्यामल किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने के लिए विभिन्न कौशलों और क्षमताओं से लैस होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को अपनी झिझक दूर करने और सार्वजनिक मंच पर अपनी प्रतिभा को निखारने में मदद करते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने गायन, नृत्य, कविता पाठ और अन्य कला रूपों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सभागार में उपस्थित दर्शकों और निर्णायक मंडल ने छात्रों के प्रदर्शन की सराहना की। यह प्रतियोगिता न केवल मनोरंजन का साधन बनी, बल्कि इसने छात्रों को एक-दूसरे से सीखने और अपनी रचनात्मकता को बढ़ावा देने का भी मौका दिया।

एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शारदा नंद सहनी और सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. सुमित्रा कुमारी की देखरेख में यह प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उन्होंने सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम सुचारू रूप से चले और सभी प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का उचित अवसर मिले। इस आयोजन ने कॉलेज परिसर में एक उत्साहपूर्ण और प्रेरक माहौल तैयार किया, जहां छात्रों को अपनी अकादमिक गतिविधियों के अलावा अपनी कलात्मक और रचनात्मक क्षमताओं को भी विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

रामेश्वर कॉलेज का यह प्रयास शिक्षा के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहां छात्रों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाता है, न केवल ज्ञान के माध्यम से, बल्कि व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास निर्माण के माध्यम से भी। ‘कॉलेज के टशनबाज’ जैसे कार्यक्रम यह सुनिश्चित करते हैं कि छात्र केवल डिग्री धारक न बनें, बल्कि ऐसे व्यक्ति बनें जो समाज में सकारात्मक योगदान दे सकें और अपने जीवन के हर पहलू में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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