साइबर अपराध पर लगाम: मुजफ्फरपुर सहित बिहार के सभी जिलों में बनेगी विशेष त्वरित प्रतिक्रिया टीम
बिहार में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब मुजफ्फरपुर सहित सूबे के सभी जिलों में साइबर अपराधों की रोकथाम और उन पर त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टीमें गठित की जाएंगी। इन टीमों में मुख्यालय स्तर पर स्पेशल क्विक रेस्पॉन्स टीम (SQRT) और जिला स्तर पर क्विक रेस्पॉन्स टीम (QRT) शामिल होंगी। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराध की सूचना मिलने के दो घंटे के भीतर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना होगा।
गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार के निर्देश पर इन टीमों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुजफ्फरपुर में साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में क्यूआरटी का गठन किया जा रहा है। गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा सभी जिलाधिकारियों, एसएसपी और एसपी को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे गए हैं। इन निर्देशों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत साइबर अपराधों और नए आपराधिक कानूनों जैसे बीएनएस तथा पॉक्सो एक्ट के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध व्यापक कानूनी प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद, साइबर अपराधों की प्रभावी निगरानी और त्वरित नियंत्रण के लिए विभिन्न स्तरों पर क्यूआरटी का गठन आवश्यक माना गया है।
टीमों की संरचना और कार्यप्रणाली
- राज्य पुलिस मुख्यालय में SQRT: राज्य पुलिस मुख्यालय में कार्यरत सोशल मीडिया कोषांग में एक क्यूआरटी पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के अधीन गठित की जाएगी। इसमें तैनात कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनके प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक उपकरण व सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
- प्रत्येक जिले में QRT: प्रत्येक जिले में पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में एक क्यूआरटी का गठन होगा। इन्हें भी तत्काल उपलब्ध संसाधनों से आवश्यक उपकरण व सामग्री प्रदान कर कार्यरत किया जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि ये सभी क्यूआरटी, साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई पटना के साथ समन्वय स्थापित कर, आपराधिक घटना की सूचना के दो घंटे के भीतर डिजिटल निगरानी और उस पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी। इसकी निगरानी और प्रभावी नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देश पुलिस मुख्यालय पटना द्वारा जारी किए जाएंगे।
त्वरित कार्रवाई पर जोर
जानकारी के अनुसार, जिला स्तर पर गठित क्यूआरटी सूचना मिलते ही दो घंटे के भीतर छापेमारी करेगी। वहीं, राज्य मुख्यालय की विशेष क्यूआरटी अनुसंधान, डिजिटल साक्ष्य संकलन और निगरानी का कार्य संभालेगी। सभी जिला क्यूआरटी मुख्यालय से संबद्ध रहेंगी, जिससे समन्वय और कार्रवाई में तेजी लाई जा सके। इस पहल से साइबर ठगी, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और महिलाओं के खिलाफ होने वाले साइबर अपराधों पर तत्काल अंकुश लगने की उम्मीद है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
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