मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट से उड़ान का सपना: जून 2026 से शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
मुजफ्फरपुर के लिए हवाई सेवा की नई उम्मीद
मुजफ्फरपुरवासियों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित हवाई सेवा का सपना एक बार फिर हकीकत के करीब पहुंचता दिख रहा है। पताही एयरपोर्ट से छोटे विमानों के संचालन की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति बनी है। हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के साथ हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में बिहार के पांच छोटे एयरपोर्ट्स को सक्रिय करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें मुजफ्फरपुर का पताही एयरपोर्ट भी शामिल है।
जून 2026 से शुरू होगी टेंडर की प्रक्रिया
जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने इस संबंध में जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जून 2026 से मुजफ्फरपुर, सहरसा, बीरपुर और वाल्मीकिनगर जैसे एयरपोर्ट्स से छोटे विमानों के परिचालन के लिए निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह कदम उत्तर बिहार में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को नई गति देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
व्यापार और विकास के लिए क्यों जरूरी है यह एयरपोर्ट?
मुजफ्फरपुर न केवल बिहार का एक प्रमुख शहर है, बल्कि यह व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और लीची उत्पादन का एक बड़ा केंद्र भी है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल मुजफ्फरपुर, बल्कि सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा जैसे जिलों के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में इन जिलों के निवासियों को हवाई यात्रा के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिसे देखते हुए पताही एयरपोर्ट का संचालन क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
बिहार के अन्य एयरपोर्ट्स पर भी मंथन
बैठक में केवल मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के विमानन ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा हुई। दरभंगा एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए रनवे को 12 हजार फीट तक विस्तारित करने की योजना है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही, पटना एयरपोर्ट के रनवे विस्तार, पूर्णिया में नए टर्मिनल के निर्माण और गया एयरपोर्ट के विकास पर भी सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं।
हालांकि मुजफ्फरपुर के लोग पहले भी कई बार ऐसी घोषणाएं सुन चुके हैं, लेकिन इस बार आधिकारिक स्तर पर टेंडर की समय-सीमा तय होने से उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। अब देखना यह है कि जून 2026 तक यह प्रक्रिया कितनी तेजी से धरातल पर उतरती है।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।



