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मुजफ्फरपुर की शाही मिठास: राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक पहुंचेगी शाही लीची, 2000 पैकेट दिल्ली रवाना

मुजफ्फरपुर की पहचान: शाही लीची का सफर दिल्ली तक

मुजफ्फरपुर की पहचान और बिहार की शान ‘शाही लीची’ एक बार फिर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे गणमान्य लोगों की मेज की शोभा बढ़ाएगी। हर साल की तरह इस बार भी जिला प्रशासन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और राज्यपालों के लिए शाही लीची की विशेष खेप तैयार कर ली है। शनिवार को मुजफ्फरपुर से 2000 पैकेटों वाली एक विशेष रेफ्रिजरेटेड वैन दिल्ली के लिए रवाना की जाएगी।

परंपरा और प्रशासन की जिम्मेदारी

यह आयोजन केवल एक उपहार नहीं, बल्कि मुजफ्फरपुर की कृषि विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की एक पुरानी परंपरा है। जिला प्रशासन की देखरेख में इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है। इस कार्य की कमान जिला उद्यान पदाधिकारी और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) के हाथों में होती है, जो बागानों के चयन से लेकर पैकिंग और परिवहन तक की हर बारीकी पर नजर रखते हैं।

गुणवत्ता से समझौता नहीं

शाही लीची की ताजगी और स्वाद को बरकरार रखने के लिए एक वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस प्रक्रिया के मुख्य चरण इस प्रकार हैं:

  • चयन: बागानों से सीधे उत्तम गुणवत्ता और आकार वाली लीची को चुना जाता है।
  • प्री-कूलिंग: लीची को तीन से चार डिग्री सेल्सियस तापमान वाले चैंबर में रखा जाता है।
  • पैकेजिंग: अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखने के बाद इसे आकर्षक गिफ्ट पैक में बदला जाता है।

उद्यमी आलोक केडिया के अनुसार, दो किलो के 2000 पैकेट पूरी तरह तैयार हैं। रेफ्रिजरेटेड वैन के जरिए यह खेप एक से दो जून तक प्रधानमंत्री कार्यालय और अन्य निर्धारित स्थानों तक पहुंच जाएगी।

स्थानीय स्तर पर उत्साह

इस कार्य में जुटी स्थानीय महिलाओं में भी खासा उत्साह है। पैकिंग में शामिल खुशबू खातून का कहना है कि देश के शीर्ष नेतृत्व के लिए मुजफ्फरपुर की लीची तैयार करना उनके लिए गौरव का विषय है। स्टोर मैनेजर अरुण कुमार ने बताया कि पूरी पैकिंग प्रक्रिया नियंत्रित तापमान में की गई है ताकि दिल्ली पहुंचने तक लीची की मिठास और सुगंध जस की तस बनी रहे। मुजफ्फरपुर के किसानों को उम्मीद है कि इस बार भी शाही लीची का स्वाद देश के दिग्गजों को मुजफ्फरपुर की मिट्टी की महक से रूबरू कराएगा।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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