मुजफ्फरपुर में नर्सिंग ऑन्कोलॉजी समिट: कैंसर देखभाल में नई तकनीकों पर जोर, 150 से अधिक नर्सों ने लिया प्रशिक्षण
मुजफ्फरपुर में कैंसर देखभाल को मिली नई दिशा
मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच परिसर स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में हाल ही में दो दिवसीय ‘नर्सिंग ऑन्कोलॉजी समिट’ का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में राज्य भर से 150 से अधिक नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें कैंसर रोगियों की देखभाल के लिए नवीनतम तकनीकों और आधुनिक उपचार पद्धतियों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल का उद्देश्य बिहार में कैंसर देखभाल के मानकों को ऊपर उठाना और प्रशिक्षित नर्सिंग पेशेवरों की कमी को दूर करना है।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव और ज्ञान
सम्मेलन का उद्घाटन टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई की नर्सिंग सुपरिटेंडेंट सिंधु नायर ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में ऑन्कोलॉजी नर्सिंग के लगातार विकसित होते क्षेत्र पर प्रकाश डाला और बिहार की नर्सों से टाटा मेमोरियल के अकादमिक पाठ्यक्रमों से जुड़कर इस विशेष क्षेत्र में अपना करियर बनाने का आग्रह किया। उन्होंने जोर दिया कि कैंसर देखभाल में नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें नवीनतम ज्ञान से लैस होना चाहिए।
होमी भाभा कैंसर अस्पताल के ऑफिसर-इन-चार्ज डॉ. रविकांत सिंह ने इस बात पर बल दिया कि कैंसर का उपचार केवल डॉक्टरों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि एक प्रशिक्षित नर्सिंग टीम ही उपचार को अधिक प्रभावी और मानवीय बना सकती है। डॉ. सिंह ने बिहार में एक ऑन्कोलॉजी नर्सिंग एसोसिएशन के गठन का भी सुझाव दिया, जिससे इस क्षेत्र में काम करने वाली नर्सों को एक मंच मिल सके।
कौशल विकास और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान
अस्पताल के निदेशक डॉ. कुमार प्रभाष ने बताया कि कैंसर मरीजों की देखभाल में नर्सें सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि बदलती चिकित्सा तकनीकों के साथ नर्सों का लगातार प्रशिक्षित रहना अनिवार्य है। बिहार कैंसर केयर एंड रिसर्च सोसायटी के सीईओ रंजन कुमार ने सुरक्षित कीमोथेरेपी के लिए प्रशिक्षित ऑन्कोलॉजी नर्सों की भारी आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे सम्मेलन नर्सों के कौशल में सुधार करेंगे और उन्हें बेहतर सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम बनाएंगे। श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की प्रिंसिपल डॉ. कुमारी विभा ने भी इस कार्यक्रम की सराहना की।
सम्मेलन के मुख्य विषय
- ऑन्कोलॉजी नर्सिंग के नवीनतम सिद्धांत
- कीमोथेरेपी के सुरक्षित अनुप्रयोग
- संक्रमण नियंत्रण के उपाय
- साइको-ऑन्कोलॉजी (कैंसर रोगियों की मानसिक स्वास्थ्य देखभाल)
- डिजिटल नर्सिंग के उपयोग
- रोगी सुरक्षा प्रोटोकॉल
- पैलिएटिव केयर (शामक देखभाल)
सम्मेलन के पहले दिन इन सभी विषयों पर विस्तृत व्याख्यान और व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हुआ। यह समिट बिहार में कैंसर देखभाल के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिससे रोगियों को बेहतर और अधिक मानवीय उपचार मिल सकेगा।
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