स्थानीय

मुजफ्फरपुर जेल के ‘मुक्ति’ मसालों ने बदली बंदियों की तकदीर, अब खादी मॉल में भी बिखेर रहे खुशबू

आत्मनिर्भरता की नई मिसाल

मुजफ्फरपुर के खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंद कैदियों के हुनर ने एक नई पहचान बनाई है। जेल प्रशासन की पहल पर ‘मुक्ति’ ब्रांड के नाम से तैयार किए जा रहे शुद्ध मसाले और अन्य उत्पाद अब शहर के खादी मॉल की शोभा बढ़ा रहे हैं। यह प्रयास न केवल बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ रहा है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बना रहा है।

क्या है ‘मुक्ति’ ब्रांड की खासियत?

जेल की आधुनिक निर्माणशाला में 63 सजायाफ्ता कैदियों की एक समर्पित टीम दिन-रात काम कर रही है। यहाँ पूरी स्वच्छता और शुद्धता के साथ हल्दी, मिर्च और धनिया जैसे मसालों की पिसाई और पैकेजिंग की जाती है। इन मसालों के अलावा, जेल में सत्तू, सरसों का तेल, फिनायल, साबुन और उच्च गुणवत्ता वाले लकड़ी के फर्नीचर भी तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की गुणवत्ता इतनी बेहतर है कि इनकी मांग मुजफ्फरपुर के बाहर अन्य जिलों की जेलों में भी बढ़ गई है।

बाजार में बढ़ती पहुंच

पहले ये उत्पाद केवल जेल परिसर के ‘मुक्ति बाजार’ तक ही सीमित थे, जहाँ जेलकर्मी या बंदियों के परिजन ही खरीदारी कर पाते थे। लेकिन अब इनकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इन्हें खादी मॉल में भी उपलब्ध कराया गया है। जिला खादी विभाग के सहयोग से शुरू हुई इस पहल के लिए सरकार ने 70 लाख रुपये की कार्यशील पूंजी आवंटित की है, जिससे उत्पादन क्षमता में काफी विस्तार हुआ है।

बंदियों के लिए आर्थिक संबल

यह योजना बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। काम करने वाले कैदियों को न केवल दैनिक मजदूरी मिलती है, बल्कि उत्पादों की बिक्री से होने वाले कुल मुनाफे का 12.5 प्रतिशत हिस्सा सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाता है। जून महीने में ही बंदियों ने करीब 40 हजार रुपये की आय अर्जित की है। जेल अधीक्षक यूसुफ रिजवान के अनुसार, इस पेशेवर दृष्टिकोण ने जेल की निर्माणशाला को एक लघु उद्योग का स्वरूप दे दिया है। यह पहल साबित करती है कि सही दिशा और अवसर मिलने पर जेल की सलाखों के पीछे भी हुनर पनप सकता है और एक नई शुरुआत की जा सकती है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button