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मुजफ्फरपुर के अटल टिंकरिंग लैब में करोड़ों खर्च, फिर भी नवाचार शून्य: सरकारी जांच शुरू

मुजफ्फरपुर: अटल टिंकरिंग लैब में करोड़ों का निवेश, नवाचार का अभाव

मुजफ्फरपुर सहित बिहार के विभिन्न स्कूलों में बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कई लैब में अब तक कक्षाएं भी शुरू नहीं हो पाई हैं, जबकि प्रत्येक एटीएल को उपकरण खरीद के लिए 20-20 लाख रुपये का अनुदान मिला था। इस गंभीर अनियमितता के बाद सरकार ने राज्य भर की 83 एटीएल की जांच के आदेश दिए हैं।

पांच से सात साल पहले स्थापित की गई इन लैबों में से कई ऐसी हैं जहां पूरे एक साल में नवाचार से संबंधित एक भी कक्षा आयोजित नहीं की गई। अटल टिंकरिंग लैब की परिकल्पना बच्चों को रचनात्मकता और प्रयोग से जोड़ने के लिए की गई थी। नीति आयोग द्वारा हर महीने बच्चों के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं।

मुजफ्फरपुर की स्थिति: कुछ ही लैब सक्रिय

मुजफ्फरपुर में कुल दस स्कूलों का चयन एटीएल के लिए किया गया था, जिनमें से वर्तमान में केवल चार ही सक्रिय हैं। इनमें दो सरकारी और दो निजी स्कूल शामिल हैं। मदर टेरेसा एटीएल, डीएवी, चैपमैन और डीएन हाईस्कूल में एटीएल संचालित हो रही हैं। इन सक्रिय लैबों में से मदर टेरेसा एटीएल के कुछ बच्चों के नवाचार राज्य स्तर पर चुने गए हैं, और डीएन स्कूल से भी एक-दो बच्चों के नवाचार सामने आए हैं। हालांकि, बाकी एटीएल की स्थिति चिंताजनक है। अधिकारियों के पास इस बात की कोई रिपोर्ट नहीं है कि इन लैब में कक्षाएं कब और कैसे चलीं, नवाचार तो दूर की बात है।

शिक्षा विभाग की जांच और खानापूर्ति का आरोप

शिक्षा विभाग ने अब सभी एटीएल से कक्षाओं के संचालन और बच्चों द्वारा किए गए नवाचारों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। शुरुआती जांच में यह सामने आ रहा है कि अधिकांश जगहों पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। नियमों के अनुसार, बच्चों द्वारा किए गए प्रयोगों की तस्वीरें जियो-टैगिंग के साथ विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की जानी चाहिए, लेकिन इसका भी ठीक से पालन नहीं हो रहा है। यह स्थिति बिहार में नवाचार को बढ़ावा देने की सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार की जांच से ही इन करोड़ों रुपये के निवेश का सही मूल्यांकन हो पाएगा और दोषियों पर कार्रवाई की उम्मीद है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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