मुजफ्फरपुर: बाढ़ के बीच JDU विधायक का घेराव, ग्रामीणों ने पूछा – ‘मुसीबत में क्यों नहीं आईं?’
मुजफ्फरपुर: बाढ़ के बीच JDU विधायक का घेराव, ग्रामीणों ने पूछा – ‘मुसीबत में क्यों नहीं आईं?’
मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने बुधवार को जनता दल यूनाइटेड (JDU) की विधायक कोमल सिंह का घेराव कर अपना विरोध जताया। विधायक बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायजा लेने पहुंची थीं, लेकिन वापसी के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी रोक ली और अपनी नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, लेकिन विधायक इतने देर से उनका हाल जानने पहुंचीं।
यह घटना गायघाट प्रखंड की कांटा पिरौंछा दक्षिणी पंचायत में हुई, जहां विधायक कोमल सिंह बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंची थीं। ग्रामीणों ने उनसे गांव के भीतर जाकर बाढ़ की वास्तविक स्थिति देखने और प्रभावित परिवारों की समस्याओं को समझने की मांग की। उनका कहना था कि जब वे बाढ़ के कारण परेशान थे, तब विधायक या उनके प्रतिनिधियों ने समय पर कोई सुध नहीं ली। इसी बात से नाराज होकर ग्रामीणों ने विधायक की गाड़ी को घेर लिया।
ग्रामीणों का आरोप: ‘सिर्फ वोट से मतलब’
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बाढ़ ने उनके जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है और उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय ही लोगों के बीच नजर आते हैं। उन्होंने कहा, “हमारे विधायक को सिर्फ वोट से मतलब है।” ग्रामीणों का यह भी आरोप था कि बाढ़ के दौरान जब उन्हें मदद की सख्त जरूरत थी, तब न तो विधायक पहुंचीं और न ही उनके प्रतिनिधियों द्वारा पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराई गई।
क्षतिग्रस्त सड़कें और राहत सामग्री की कमी
स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उनका आरोप है कि अब तक पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है। यहां तक कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को प्रशासन की ओर से पॉलीथिन तक नहीं मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सामुदायिक रसोई शुरू करने, पर्याप्त राहत सामग्री मुहैया कराने और बाढ़ प्रभावित परिवारों को जीआर (अनुग्रह राशि) दिलाने की मांग की है।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
विधायक के घेराव के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभाला। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और विधायक को सुरक्षित वहां से निकाला। इस दौरान बीडीओ, सीओ, प्रखंड प्रमुख सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस घटना के बाद इलाके में बाढ़ राहत कार्यों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत कार्य तेज करने और प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने की मांग की है।
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