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मुजफ्फरपुर: मुर्गी फार्म की आड़ में चल रही थी नकली शराब फैक्ट्री, एक गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर में शराब तस्करों के खिलाफ उत्पाद विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में करजा थाना क्षेत्र के द्वारिकानाथपुर में एक मुर्गी फार्म की आड़ में चल रही नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। उत्पाद विभाग की टीम ने छापेमारी कर मौके से मुर्गी फार्म के संचालक और शराब के धंधेबाज धीरज कुमार को गिरफ्तार किया है।

उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि द्वारिकानाथपुर स्थित एक मुर्गी फार्म में अवैध रूप से नकली शराब का निर्माण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम के नेतृत्व में एएसआई तुलिका कुमारी और विक्रम कुमार की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुर्गी फार्म पर छापा मारा। जांच के दौरान, टीम को मुर्गी फार्म के पिछले हिस्से में एक गुप्त ठिकाना मिला, जहाँ नकली शराब बनाने का पूरा सेटअप तैयार था।

छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में तैयार नकली शराब बरामद की गई। इसके अतिरिक्त, शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला कैरामेल, विभिन्न ब्रांडों के रैपर, खाली बोतलें और ढक्कन भी जब्त किए गए। धंधेबाज स्पिरिट का उपयोग करके शराब तैयार कर रहा था और फिर उस पर अलग-अलग ब्रांडों के लेबल लगाकर बाजार में सप्लाई करने की तैयारी थी। बरामद की गई नकली शराब को आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

पूछताछ में गिरफ्तार धीरज कुमार ने बताया कि उसने बड़ी मात्रा में स्पिरिट से नकली शराब तैयार की थी। यह भी खुलासा हुआ कि उसने स्पिरिट की अगली खेप के लिए बंगाल के एक धंधेबाज को ऑर्डर भी दिया था। उत्पाद विभाग अब इस नकली शराब के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।

इसी बीच, उत्पाद विभाग ने सरैया थाना क्षेत्र के बखरा में भी एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई। उत्पाद इंस्पेक्टर के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि एक ट्रक में शराब लदी हुई है। जब टीम मौके पर पहुंची, तो ट्रक बाहर से खाली दिखाई दिया। हालांकि, गहन जांच के दौरान चालक की सीट के पीछे एक गुप्त तहखाना बना मिला। इस तहखाने को काटकर खोलने पर उसमें उत्तर प्रदेश निर्मित शराब के 124 कार्टन बरामद हुए। बताया गया कि ट्रक का चालक रात होने का इंतजार कर रहा था ताकि अंधेरा होने पर शराब को अनलोड किया जा सके।

उत्पाद विभाग अब इन दोनों मामलों में शराब के स्रोत और उसके सप्लाई नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है। नकली शराब फैक्ट्री से जुड़े लोगों के साथ-साथ ट्रक में शराब छिपाकर लाने वाले नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि बिहार में शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके और अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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