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उत्तर बिहार में चार दिनों तक झमाझम बारिश का अलर्ट: किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष सलाह

मुजफ्फरपुर सहित उत्तर बिहार के कई जिलों में अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने मेघगर्जन के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। इस मौसम बदलाव को देखते हुए किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।

मौसम का मिजाज और तापमान

पिछले 24 घंटों में मुजफ्फरपुर में 18 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, सुबह की बारिश के बाद दोपहर में धूप निकलने से अधिकतम तापमान में मामूली वृद्धि देखी गई। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के जलवायु परिवर्तन उच्च अध्ययन केंद्र के अनुसार, मुजफ्फरपुर का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री कम है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि इस दौरान लगभग चार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूरबा हवा चलने का अनुमान है।

इन जिलों में बारिश का दौर

वरीय मौसम विज्ञानी डॉ. ए. सतार के मुताबिक, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण जिलों में अगले चार दिनों तक आसमान में मध्यम से घने बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। यह मौसमी बदलाव धान की रोपाई के लिए अनुकूल माना जा रहा है।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

जिला कृषि पदाधिकारी भारत भूषण ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं:

  • जिन किसानों के पास सिंचाई की पर्याप्त सुविधा है, वे 21 से 25 दिन पुराने धान के बिचड़े (पौध) की रोपाई का काम तेजी से शुरू कर दें।
  • जिन खेतों या क्षेत्रों में जलभराव की संभावना कम है, वहां किसान तिल, उड़द और अरहर की बुवाई कर सकते हैं।
  • किसानों को खेतों में संतुलित मात्रा में ही उर्वरकों का प्रयोग करने और जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है।

पशुपालकों के लिए विशेष अपील

जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. मनोज मेहता ने पशुपालकों से अपील की है कि वे बरसात के इस मौसम में पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि मौसम में उतार-चढ़ाव के दौरान पशुओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

  • नवजात बछड़ों और मेमनों को पर्याप्त मात्रा में कोलोस्ट्रम (खीस) जरूर पिलाएं।
  • सभी पशुओं को नियमित रूप से संतुलित आहार उपलब्ध कराएं ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे और वे स्वस्थ रह सकें।

यह बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आएगी, वहीं सभी को मौसम के बदलते मिजाज के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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