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मुजफ्फरपुर: स्नातक के पांचवें-छठे सेमेस्टर का परिणाम अटका, पीजी नामांकन में देरी से छात्र परेशान

मुजफ्फरपुर: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) में स्नातकोत्तर (पीजी) सत्र 2026-28 में नामांकन की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो पाई है, जिससे हजारों छात्र असमंजस में हैं। इसका मुख्य कारण स्नातक के पांचवें और छठे सेमेस्टर के परिणामों का जारी न होना है। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस लेटलतीफी से छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

जानकारी के अनुसार, पीजी में नामांकन के लिए स्नातक सत्र 2023-27 के छठे सेमेस्टर में उत्तीर्ण छात्रों को आवेदन करना है। हालांकि, विडंबना यह है कि छठे सेमेस्टर का परिणाम तो दूर, अभी तक पांचवें सेमेस्टर का परिणाम भी घोषित नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय ने पांचवें सेमेस्टर का परिणाम जारी किए बिना ही छठे सेमेस्टर की परीक्षा ले ली थी। अब पहले पांचवें सेमेस्टर का परिणाम जारी होगा, उसके बाद ही छठे सेमेस्टर का परिणाम आ पाएगा। इस दोहरी देरी से छात्रों में भारी निराशा है।

समर्थ पोर्टल पर मैपिंग की प्रक्रिया जारी

विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ. आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि पीजी में नामांकन समर्थ पोर्टल के माध्यम से ही होगा। इसके लिए उन सभी कॉलेजों और पीजी विभागों की मैपिंग की जा रही है, जहां पीजी की पढ़ाई होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले सप्ताह से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

  • कॉलेजों के पीजी विभाग, विश्वविद्यालय के पीजी विभागों के नाम और सीटों की संख्या को समर्थ पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
  • यह प्रक्रिया अगले 10 दिनों में पूरी होने की संभावना है।
  • यदि नवंबर तक भी परिणाम जारी नहीं होते हैं और पोर्टल खुल भी जाता है, तो भी छात्र नामांकन नहीं करा पाएंगे।

विश्वविद्यालय के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पीजी में नामांकन जुलाई-अगस्त में ही हो जाना चाहिए था, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया काफी पिछड़ गई है।

नए पीजी केंद्र खोलने के आवेदन

डीएसडब्ल्यू ने यह भी बताया कि कई कॉलेजों ने नए पीजी केंद्र खोलने के लिए आवेदन दिए हैं। इन कॉलेजों में जांच कराई जाएगी और जो कॉलेज निर्धारित संसाधन और मानकों को पूरा करेंगे, उन्हीं को पीजी केंद्र खोलने की अनुमति दी जाएगी। इस बीच, छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय जल्द से जल्द परिणामों को जारी करे ताकि वे समय पर पीजी में नामांकन ले सकें और उनका एक और शैक्षणिक वर्ष बर्बाद होने से बच सके।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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