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हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल: खून नहीं मिला तो मुस्लिम युवक ने हिन्दू लड़के को खून देकर बचाई जान।

देश मे आए दिन हिन्दू-मुस्लिम के बीच कई प्रकार के वाद-विवाद देखने को मिलते है। लेकिन कभी-कभी हिन्दू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल भी लोगों के दिलों में अपने जगह बना जाते है।

अब ऐसा ही कुछ हुआ है एक मुस्लिम मोहम्मद इरकम और एक हिन्दू युवक राहुल जयसवाल के साथ। जहां इरकम ने बरूराज थाना क्षेत्र के डुमरिया निवासी राहुल जैसवाल को अपना रक्त दान किया है। बताया जा रहा है कि राहुल जयसवाल को खून देने वाला युवक मोहमद इरकम एक सामाजिक कार्यकर्ता है।

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प्राप्त जानकारी के मुताबिक़,बीते कुछ दिनों से राहुल जायसवाल की तबियत ख़राब चल रही थी। और उसका इलाज मुज़फ़्फ़रपुर के नीजी अस्पताल में चल रहा था। जहां डॉक्टर्स ने कहा कि राहुल को खून की आवश्यकता है। इस पर राहुल के परिजन खून के लिए काफी भटकते हुए दिखें। लेकिन आख़िरकार खून न मिल सका।

राहुल को खून की आवश्यकता की सूचना जब मोहम्मद इरकम को मिली तो वे जल्द अस्पताल पहुंचे। और उन्होंने तुरंत राहुल को खून दिया। इरकम के इस सराहनीय काम को लेकर राहुल परिजनों ने मोहम्मद मोहम्मद इरकम को भावुक होकर धन्यवाद दिया और कहा कि जहां लोग खून के प्यासे हैं ऐसी हालत में अपने धर्म के लेबल को ना देखते हुए हमारी मदद की।

खास तौर से राहुल के परिजनों ने बरुराज थाना क्षेत्र के मनोहर छपरा निवासी युवा वसीम अख्तर का धन्यवाद किया और कहा कि वसीम अख़्तर के मदद से ही ये सम्भव हो सका हौ।वसीम अख्तर ने The Ainak से कहा कि इंसानियत धर्म की सरहदों को नही मानता। और खून बनाना इंसान के हाथों में नही रब के हाथ में है इसलिए एक दूसरे के सहारे ही यह नेक काम हम कर सकते हैं।

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