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मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण अग्निकांड: आईसीयू में मची चीख-पुकार, पांच लोगों की दर्दनाक मौत

मुजफ्फरपुर में अस्पताल बना मौत का जाल

मुजफ्फरपुर शहर के प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार की अहले सुबह हुई भीषण आगजनी ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। आईसीयू वार्ड में लगी आग ने पांच मरीजों की जान ले ली, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा और मरीजों के परिजन अपनों को बचाने के लिए बेबस नजर आए।

कैसे हुई घटना?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 3:40 बजे आईसीयू वार्ड में लगी एक मशीन से अचानक धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा वार्ड धुएं के गुबार में तब्दील हो गया। उस समय आईसीयू में 15 और अन्य वार्डों में करीब 50 मरीज भर्ती थे। आग लगने के बाद अस्पताल के कर्मचारी मौके से भाग निकले, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासनिक कार्रवाई

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर कड़ी मशक्कत के बाद करीब 25 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू किए गए मरीजों को शहर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जिला प्रशासन और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। डीएम सुब्रत कुमार सेन ने पांच मौतों की पुष्टि की है।

मृतकों की पहचान

इस हादसे में जान गंवाने वालों में मीनापुर के कृष्णनंदन प्रसाद सिंह (76), कथैया की गीता देवी (62), अहियापुर के शशांक (30), शिवहर के उदय कुमार (57) और चंचला कुमारी शामिल हैं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण समय रहते मरीजों को बाहर नहीं निकाला जा सका।

जांच का विषय

जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है। फिलहाल, पुलिस अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। अस्पताल के स्टाफ के फरार होने से भी कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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