मुजफ्फरपुर: प्रसाद हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द, अग्निकांड में 6 मरीजों की मौत के बाद बड़ी कार्रवाई
मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल का लाइसेंस बिहार स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई अस्पताल के आईसीयू में हुए भीषण अग्निकांड में छह मरीजों की दर्दनाक मौत के बाद की गई है। सिविल सर्जन कार्यालय ने अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही को अक्षम्य करार दिया है।
गुरुवार सुबह प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी। देखते ही देखते आग और धुएं ने पूरे वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में वेंटिलेटर और बेड पर मौजूद छह गंभीर मरीजों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और उनकी दम घुटने व झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई। कई अन्य मरीज गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनका इलाज शहर के अन्य अस्पतालों में चल रहा है।
इस भयावह घटना के बाद से ही शहर में भारी आक्रोश देखा जा रहा था। पीड़ित परिवारों और आम जनता ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। सिविल सर्जन ने न केवल अस्पताल का लाइसेंस रद्द किया है, बल्कि अस्पताल के मालिक और प्रबंधन से इस पूरी लापरवाही पर कड़ा स्पष्टीकरण भी मांगा है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस बड़ी कार्रवाई के बाद अस्पताल के मालिक की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। उन पर भी कानून का शिकंजा कसना तय माना जा रहा है। इससे पहले, पुलिस ने अग्निकांड के संबंध में अस्पताल के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था।
यह घटना शहर के चिकित्सा जगत में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और निजी अस्पतालों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शहरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि इस घटना से सबक लेकर अन्य अस्पताल भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।
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