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मुजफ्फरपुर में 39 नए डिग्री कॉलेजों का आगाज: बिना शिक्षकों के ही शुरू होगा दीक्षारंभ

बिना शिक्षक और स्टाफ के खुलेंगे नए डिग्री कॉलेज

मुजफ्फरपुर समेत पूरे बीआरएबीयू (BRABU) क्षेत्र में बुधवार का दिन शिक्षा जगत के लिए एक नई शुरुआत लेकर आ रहा है। जिले में नवस्थापित 39 डिग्री कॉलेजों का औपचारिक उद्घाटन ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम के साथ किया जाएगा। हालांकि, इन कॉलेजों के शुरू होने से पहले ही व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इन कॉलेजों में अभी तक एक भी शिक्षक या शिक्षकेतर कर्मचारी की नियुक्ति नहीं हो सकी है।

प्रशासनिक देखरेख में होगा आयोजन

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन कॉलेजों के उद्घाटन और संचालन के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती की है। मुजफ्फरपुर जिले के कॉलेजों की जिम्मेदारी कुलसचिव और डीएसडब्ल्यू को सौंपी गई है। इसी तरह, सीतामढ़ी, मोतिहारी, पश्चिम चंपारण, हाजीपुर और शिवहर के कॉलेजों के लिए संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उद्घाटन की पूर्व संध्या पर इन परिसरों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव

जमीनी हकीकत पर नजर डालें तो स्थिति चुनौतीपूर्ण है। गायघाट के जारंग हाईस्कूल परिसर में खुले कॉलेज में अब तक केवल 35 छात्रों का नामांकन हुआ है, जबकि यहां 288 सीटें उपलब्ध हैं। पोर्टल खुलने में देरी के कारण छात्रों ने अन्य कॉलेजों का रुख कर लिया। फिलहाल, यहां पांच कमरों में बेंच-डेस्क और ब्लैकबोर्ड की व्यवस्था की गई है, लेकिन लाइब्रेरी जैसी बुनियादी सुविधाएं अभी नदारद हैं।

औराई कॉलेज की स्थिति

औराई में स्थित नए डिग्री कॉलेज में 72 छात्रों का नामांकन हो चुका है। उद्घाटन समारोह में मंत्री रमा निषाद की उपस्थिति प्रस्तावित है। हालांकि, कॉलेज तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क का अभाव है, जिससे बारिश के कारण परिसर के आसपास जलजमाव और काई की समस्या बनी हुई है।

क्या है भविष्य की योजना?

नियमों के अनुसार, प्रत्येक कॉलेज में 12 शिक्षकों के पद सृजित हैं, जिसमें एक विषय के लिए कम से कम दो प्रोफेसर होने अनिवार्य हैं। इसके अलावा क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखपाल और चतुर्थवर्गीय कर्मियों की तैनाती भी होनी है। फिलहाल, इन पदों पर भर्ती न होने से शैक्षणिक सत्र की शुरुआत बिना पर्याप्त मानव संसाधन के हो रही है। पहले सत्र में हिंदी, अंग्रेजी, राजनीति विज्ञान, इतिहास, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र विषयों की पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

उम्मीद है कि आने वाले समय में इन कॉलेजों में नियुक्तियां पूरी होने के बाद शैक्षणिक वातावरण में सुधार आएगा और छात्रों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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