मुजफ्फरपुर में कचरे का अंबार: निगम कर्मियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, MLC ब्रजवासी ने दिया समर्थन
मुजफ्फरपुर में सफाई व्यवस्था ठप, शहर में 200 टन कचरा जमा
मुजफ्फरपुर शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नगर निगम के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही, जिसके कारण शहर भर में लगभग 200 टन कचरा जमा हो गया है। इस हड़ताल को स्थानीय एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी का भी समर्थन मिला है, जिन्होंने कर्मियों की मांगों को जायज ठहराया है।
नगर निगम के संविदाकर्मी समान काम के लिए समान वेतन और एनजीओ के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को निगमकर्मी घोषित करने की अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। गुरुवार से शुरू हुई इस हड़ताल ने शहर की स्वच्छता पर गंभीर असर डाला है। बाबा गरीबनाथ मंदिर क्षेत्र से लेकर मोतीझील, मिठनपुरा, सरैयागंज और इमलीचट्टी बस स्टैंड जैसे प्रमुख इलाकों में कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोतीझील फ्लाईओवर के पास और इमलीचट्टी सरकारी बस स्टैंड के गेट पर तीन से चार हाईवा कचरा पड़ा देखा गया है।
कर्मियों का आरोप: सरकार कर रही मांगों की अनदेखी
हड़ताली कर्मियों का कहना है कि वे शहर की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्धारित 8 घंटे से अधिक, लगभग 12 घंटे तक काम करते हैं, लेकिन उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने बिहार सरकार के नगर आवास एवं विकास विभाग पर आरोप लगाया कि वह उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और वे अपने अधिकारों के लिए उग्र प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
यह राज्यव्यापी आंदोलन बिहार लोकल बॉडीज एम्प्लॉइज फेडरेशन और बिहार राज्य स्थानीय निकाय द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किया गया है। संयुक्त मोर्चा के अशोक कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी केवल दो मांगें हैं: समान काम के लिए समान वेतन और एनजीओ के माध्यम से विभिन्न पदों पर रखे गए सभी कर्मचारियों को नगर निगम का स्थायी कर्मचारी घोषित करना।
मेयर ने सरकार से समाधान निकालने की अपील की
इस बीच, नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने श्रावणी मेले जैसी स्थिति को देखते हुए गुरुवार को अंचल निरीक्षकों के साथ आपात बैठक की थी। वहीं, मेयर निर्मला साहू ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक राज्यव्यापी आंदोलन है। उन्होंने बताया कि वे अपने स्तर से भी सरकार तक कर्मियों की मांगें पहुंचा रही हैं। मेयर ने इस बात पर जोर दिया कि सावन का महीना साफ-सफाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार को यूनियन नेताओं से बातचीत कर जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए। शहर में बढ़ती गंदगी और बदबू से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं।
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