मुजफ्फरपुर में शिक्षा सुधार की नई पहल: वरीय अधिकारी लेंगे स्कूलों को गोद, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
मुजफ्फरपुर जिले में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब जिले के सभी वरीय पदाधिकारी एक-एक सरकारी स्कूल को गोद लेंगे, ताकि विद्यार्थियों को उत्कृष्ट और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। यह निर्देश जिलाधिकारी कुमार गौरव ने शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने, छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधा संवाद स्थापित करने और उनसे प्रतिक्रिया लेने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को समय पर कार्यालय और स्कूल पहुंचने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उपलब्धियां
मुजफ्फरपुर जिले ने प्रोजेक्ट आधारित लर्निंग (पीबीएल) में पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है, जिस पर जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इंस्पायर अवार्ड-मानक में भी जिले ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भविष्य में भी सरकार द्वारा निर्धारित विभिन्न मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
समीक्षा बैठक में नामांकन की स्थिति, शिक्षकों की संख्या, विद्यालयों के निरीक्षण की प्रगति, सर्वशिक्षा अभियान, प्रधानमंत्री पोषण योजना का संचालन, खाद्यान्न उठाव, समग्र शिक्षा, शौचालयों की स्थिति, छात्रवृत्ति, पोशाक, साइकिल, मेधावृत्ति योजना, समावेशी शिक्षा और शिक्षा का अधिकार जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से जोर दिया कि गोद लिए गए विद्यालयों में वरीय अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकारी आदेशों के अनुरूप विद्यार्थियों को सभी आवश्यक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो। जिले के सात मॉडल स्कूलों की निगरानी भी वरीय अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
बालिका शिक्षा और अन्य पहलें
- आत्मरक्षा प्रशिक्षण: जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) की रिपोर्ट के अनुसार, 414 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली 22,005 बालिकाओं को ब्लैक बेल्ट कराटे प्रशिक्षकों द्वारा रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
- समावेशी शिक्षा: समावेशी शिक्षा के तहत 4,510 दिव्यांग बच्चे नामांकित हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में जिले की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- शिक्षक प्रशिक्षण: इस शैक्षणिक वर्ष में कुल 27,757 कार्यरत शिक्षकों में से अब तक 8,341 शिक्षकों ने आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है।
अपार आईडी सृजन में प्रगति
अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) सृजन की समीक्षा में मुजफ्फरपुर जिले ने राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी स्कूलों में अपार आईडी सृजन की स्थिति निजी स्कूलों से बेहतर है। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निजी स्कूल संचालकों के साथ बैठक कर इस कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
यह पहल मुजफ्फरपुर में शिक्षा के परिदृश्य को बदलने और हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।



