मुजफ्फरपुर में हड़ताल का तीसरा दिन: निगम कर्मियों के थाली-जुलूस से ठप हुआ शहर, कचरे का अंबार
मुजफ्फरपुर में निगम कर्मियों की हड़ताल से जनजीवन अस्त-व्यस्त
मुजफ्फरपुर में नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही, जिससे शहर में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सुबह से ही हड़ताली कर्मचारियों ने बहलखाना से थाली पीटते हुए एक विशाल जुलूस निकाला, जो कल्याणी और मोतीझील होते हुए निगम कार्यालय पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं को बंद करा दिया, हालांकि उनके लौटने के बाद दोपहर 12 बजे के करीब गेट खोल दिए गए। इसके बावजूद, कर्मचारियों की उपस्थिति बेहद कम रही, जिससे कामकाज प्रभावित रहा।
श्रावणी मेले और गंदगी से बढ़ी चिंता
श्रावणी मेले के मद्देनजर शहर में बढ़ती गंदगी और उससे लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने कर्मचारी नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया। उन्होंने निगम कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक अशोक राय और सह-संयोजक सत्येंद्र प्रसाद सिंह सहित अन्य नेताओं से मुलाकात की, लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही। नगर आयुक्त ने सावन की पहली सोमवारी के लिए साफ-सफाई और अन्य तैयारियों में सहयोग की अपील की, लेकिन मोर्चा के नेताओं ने हड़ताल का हवाला देते हुए वाहन यार्ड से गाड़ियां निकालने या कर्मियों को काम पर लगाने का विरोध करने की बात कही।
विधायक की अपील भी बेअसर
नगर विधायक रंजन कुमार ने भी हड़ताली नेताओं से बातचीत की और उनसे श्रावणी मेले के लिए कांवरिया मार्ग तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बाहरी कर्मियों या मजदूरों को काम करने देने का अनुरोध किया। हालांकि, कर्मचारी संगठन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और किसी भी तरह के समझौते को तैयार नहीं दिख रहे हैं।
शहर में कचरे का अंबार, नारकीय स्थिति
तीन दिनों से सफाई कार्य ठप होने के कारण मुजफ्फरपुर शहर में कचरे का विशाल ढेर लग गया है। कांवरिया मार्ग, बाबा गरीबनाथ मंदिर के आसपास और शहर के हर इलाके में 600 टन से अधिक कचरा जमा हो गया है। रुक-रुक कर हो रही बारिश ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है, जिससे कई जगहों पर नारकीय हालात पैदा हो गए हैं। प्रमुख सड़कों से लेकर गलियों तक फैली गंदगी और दुर्गंध ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वार्ड पार्षदों ने सोशल मीडिया के माध्यम से शहरवासियों से कूड़ा प्रबंधन में सावधानी बरतने की अपील की है। सामान्य दिनों में शहर में प्रतिदिन औसतन 200 टन कचरा निकलता है, लेकिन सावन जैसे त्योहारों और विशेष अवसरों पर यह मात्रा काफी बढ़ जाती है।
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