मुजफ्फरपुर मॉडल अस्पताल में डीएम की छापेमारी: फायर ऑडिट से लेकर डॉक्टर की गैरहाजिरी तक पर बरसे अधिकारी
अस्पताल की लचर व्यवस्था पर डीएम का कड़ा रुख
मुजफ्फरपुर के मॉडल अस्पताल में शुक्रवार को डीएम कुमार गौरव के औचक निरीक्षण ने स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल दी। अस्पताल में मरीजों के इलाज से लेकर सुरक्षा मानकों तक में भारी लापरवाही सामने आई है। निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सरकारी आदेश के बावजूद अस्पताल में फायर ऑडिट नहीं कराया गया था। इतना ही नहीं, जिले के किसी भी अन्य पीएचसी या सीएचसी में भी फायर ऑडिट की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है, जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई है।
फायर सुरक्षा और ट्रेनिंग पर निर्देश
प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड के बाद सरकार ने सभी अस्पतालों के लिए फायर ऑडिट अनिवार्य कर दिया था। इसके बावजूद मॉडल अस्पताल प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। डीएम ने तत्काल प्रभाव से फायर ऑडिट कराने और सभी स्वास्थ्य कर्मियों को अग्निशमन यंत्रों के संचालन का प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया है।
अधीक्षक पर कार्रवाई और आईसीयू की बदहाली
निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. ज्ञानेंदु शेखर के देर से पहुंचने पर डीएम ने फटकार लगाई और उनका एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया। अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए कई सख्त निर्देश दिए गए हैं:
- आईसीयू में 10 में से केवल 5 बेड ही चालू थे, जिसे 15 दिनों के भीतर पूरी क्षमता से संचालित करने का आदेश दिया गया है।
- वेंटिलेटर ऑपरेटरों को ट्रेनिंग के लिए बेगूसराय भेजने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
- इमरजेंसी में मरीजों की ऑनलाइन एंट्री न होने पर प्रबंधन को चेतावनी दी गई है।
ओटी बंद और डॉक्टरों की अनुपस्थिति
निरीक्षण के दौरान जनरल ओटी बंद मिली और गायनी ओटी में डॉक्टर नदारद थे। डीएम ने गायब डॉक्टरों पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं। साथ ही, मातृ शिशु अस्पताल (एमसीएच) में कम ऑपरेशन और खराब व्यवस्था पर भी उन्होंने गहरी चिंता जताई। मरीजों ने पंखे न चलने की शिकायत की, जिस पर 24 घंटे के भीतर सभी पंखे ठीक करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
अवैध एंबुलेंस पर नकेल
सदर अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस के जमावड़े को लेकर भी डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि अस्पताल क्षेत्र में कोई भी निजी एंबुलेंस दिखे तो उसे तुरंत जब्त किया जाए। अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को गश्त बढ़ाने को कहा गया है।
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