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बड़गांव चौक पर जर्जर सड़क और जलजमाव से हाहाकार: मुजफ्फरपुर-पटना मार्ग पर दुर्घटनाओं का सिलसिला

मुजफ्फरपुर जिले के बंदरा प्रखंड में मैंठी टोल प्लाजा से पिलखी पुल के बीच स्थित बड़गांव चौक के पास सड़क की बदहाली और जलजमाव ने स्थानीय लोगों और राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यह महत्वपूर्ण मार्ग मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और दरभंगा जिलों को जोड़ता है, साथ ही पटना की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी एक प्रमुख कड़ी है। सड़क की खस्ता हालत के कारण यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष और चिंता का माहौल है।

पांच साल पहले बनी सड़क, मरम्मत बनी खानापूर्ति

बड़गांव पंचायत के मुखिया अब्दुल सत्तार अंसारी ने बताया कि यह सड़क लगभग पांच वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क निर्माण योजना के तहत सरफुद्दीनपुर से बंदरा, बैंगरी, केवटसा चौक होते हुए सखौरा चौक (ननकार) तक बनाई गई थी। उनके अनुसार, बीच में इसकी मरम्मत का कार्य भी कराया गया था, लेकिन वह केवल खानापूर्ति साबित हुई और सड़क की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं आया। बारिश के मौसम में बड़गांव चौक के समीप कई छोटे-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें पानी भर जाने से स्थिति और भी भयावह हो गई है।

रोजाना हो रही दुर्घटनाएं, लोग परेशान

इन जलभराव वाले गड्ढों में ई-रिक्शा और बाइक सवार अक्सर गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। मुखिया अंसारी ने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि एक केला व्यवसायी का पैर टूट गया था, जबकि कई बच्चे और महिलाएं भी बाइक से गिरकर चोटिल हुए हैं। सरफुद्दीनपुर से सखौरा समसीपुर जिले की सीमा तक यह सड़क दर्जनों स्थानों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है।

स्थानीय दुकानदार मकसूद अहमद ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बारिश का पानी जमा होने से यहां प्रतिदिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तुरंत संज्ञान लेकर आवश्यक पहल करने की अपील की है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है।

तत्काल मरम्मत और निर्माण की मांग

मुखिया अब्दुल सत्तार अंसारी ने स्थानीय विधायक, सांसद और जिलाधिकारी से इस सड़क की तत्काल मरम्मत और नए सिरे से निर्माण की मांग की है। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले कुछ मलबे (राबिस) डालकर गड्ढों को भरने का प्रयास किया गया था, लेकिन कम मात्रा में होने के कारण वह कारगर साबित नहीं हो सका। स्थानीय प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देने और स्थायी समाधान निकालने की उम्मीद की जा रही है, ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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