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मुजफ्फरपुर पुस्तक मेला: कवयित्री अंकिता सिन्हा के तीखे बोल, सिस्टम की खामियों पर साधा निशाना

मुजफ्फरपुर में गूंजी अंकिता सिन्हा की ओजस्वी कविताएं

मुजफ्फरपुर के कलमबाग रोड स्थित आदर्श छात्रावास में आयोजित चार दिवसीय पुस्तक मेले का रविवार को भव्य समापन हुआ। इस साहित्यिक आयोजन के अंतिम दिन अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा की उपस्थिति ने समां बांध दिया। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से न केवल साहित्य का रस घोला, बल्कि देश की वर्तमान व्यवस्था, प्रशासनिक खामियों और सामाजिक मुद्दों पर भी तीखे प्रहार किए।

भरत तिवारी एनकाउंटर और पेपर लीक पर सवाल

अंकिता सिन्हा ने मंच से भरत तिवारी एनकाउंटर प्रकरण का जिक्र करते हुए सत्ता और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने अपनी पंक्तियों के जरिए सत्ता के गलियारों में व्याप्त भ्रष्टाचार और दागदार चेहरों पर कटाक्ष किया। इसके साथ ही, उन्होंने नीट परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आज का सिस्टम माफियाओं के लिए अनुकूल हो गया है, जिससे मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।

युवाओं के प्रति नजरिए पर तल्ख टिप्पणी

कवयित्री ने हाल के दिनों में युवाओं को लेकर की गई विवादास्पद टिप्पणियों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अपनी रचना के माध्यम से नेताओं की सोच पर प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग देश का नेतृत्व कर रहे हैं, वे युवाओं को सम्मान देने के बजाय उन्हें ‘कॉकरोच’ जैसी संज्ञा दे रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनकी इन पंक्तियों ने सभागार में मौजूद युवाओं का दिल जीत लिया और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हॉल गूंज उठा।

श्रीनगर के अनुभव और मुजफ्फरपुर से लगाव

दैनिक बातचीत के दौरान अंकिता सिन्हा ने अपने जीवन के एक साहसी अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि धारा 370 हटने के बाद श्रीनगर के लाल चौक पर वीर रस की कविताएं पढ़ना उनके लिए गर्व की बात थी, जिसके लिए उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया गया था। मुजफ्फरपुर के प्रति अपने लगाव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का अपनापन और शाही लीची का स्वाद उन्हें बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करता है।

साहित्यिक उत्सव का समापन

पुस्तक मेले के समापन समारोह में अंकिता सिन्हा के अलावा हास्य कवि आमिर हमजा, सविता राज, मुस्कान और नंदनी कुमारी ने भी अपनी रचनाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पुस्तक मेला समिति के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने कहा कि मुजफ्फरपुर में पाठकों की भारी भीड़ यह दर्शाती है कि किताबों के प्रति लोगों का प्रेम आज भी जीवित है। अब यह मेला समस्तीपुर की ओर रुख करेगा, जहां 2 से 5 जुलाई तक इसका आयोजन किया जाएगा।


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