मुजफ्फरपुर: बागमती का रौद्र रूप, औराई में चचरी पुल बहने से हजारों लोगों की राहें थमीं
बागमती की लहरों ने तोड़ा संपर्क
मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड में बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। नदी के उफान ने इलाके की जमीनी हकीकत को एक बार फिर से बदल दिया है। पानी के तेज बहाव के कारण स्थानीय लोगों द्वारा आवागमन के लिए बनाया गया चचरी पुल पूरी तरह से बह गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है।
आवागमन पर गहरा संकट
औराई के प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह चचरी पुल ही एकमात्र सहारा था। इसके बह जाने से स्कूली बच्चों, बीमारों और रोजमर्रा के काम से बाहर निकलने वाले लोगों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नाव ही अब आवाजाही का एकमात्र विकल्प बचा है, लेकिन नदी की तेज धारा के बीच नाव का सफर भी जोखिम भरा साबित हो रहा है।
प्रशासनिक और स्थानीय स्थिति
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में उन्हें इसी तरह की त्रासदी का सामना करना पड़ता है। पुल बह जाने के बाद अब ग्रामीण अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। कृषि कार्य और बाजार तक पहुंच बाधित होने से लोगों को आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन फिलहाल ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आगे की स्थिति
नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है, जिससे तटवर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। आने वाले दिनों में यदि जलस्तर और बढ़ता है, तो स्थिति और भी विकट हो सकती है। फिलहाल, ग्रामीणों की नजरें प्रशासन द्वारा की जाने वाली राहत और बचाव कार्यों पर टिकी हैं।
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