मुजफ्फरपुर में बैंककर्मी बन ठगों ने रिटायर्ड शिक्षक दंपती से लूटे 4.80 लाख रुपये, पुलिस जांच में जुटी
मुजफ्फरपुर में शातिर ठगों ने खुद को बैंककर्मी बताकर एक सेवानिवृत्त शिक्षक दंपती को अपना शिकार बनाया है। लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाकर बदमाशों ने उनसे करीब 4.80 लाख रुपये के सोने के आभूषण और नकदी ठग लिए। यह घटना तब सामने आई जब दंपती ने लिफाफा खोला और उसमें गहनों व नकदी की जगह कागज के टुकड़े पाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
पूर्णिया के धमदाहा निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक सुभाष चंद्र झा अपनी पत्नी के साथ गुरुवार को सीतामढ़ी में अपने बेटे से मिलने जा रहे थे। चांदनी चौक पर बस से उतरने के बाद वे दूसरी गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान एक कार उनके पास आकर रुकी, जिसमें से एक युवक ने खुद को बंधन बैंक का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि उसे भी सीतामढ़ी जाना है और दंपती को अपनी कार में लिफ्ट देने की पेशकश की। कार में पहले से ही दो अन्य युवक मौजूद थे, जिनमें से एक सूट-बूट में था, जिससे वह किसी कंपनी का एजेंट प्रतीत हो रहा था।
शिक्षक दंपती ने बताया कि रामपुर हरि पहुंचने से पहले कार सवार ठगों ने उनसे कहा कि आगे पुलिस अधिकारियों की जांच चल रही है। उन्होंने दंपती को डराया कि सोने के आभूषण और नकदी वाहन में ले जाने की अनुमति नहीं होगी और अगर ज्यादा सामान मिला तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। ठगों ने दंपती को सुझाव दिया कि वे अपने गहने और नकदी एक लिफाफे में रख दें, जिस पर वे हस्ताक्षर कर देंगे और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी होगी।
ठगों की बातों में आकर शिक्षक की पत्नी ने अपने गले से करीब 3.50 लाख रुपये की सोने की चेन उतारकर उन्हें दे दी। इसके बाद, ठगों ने नकदी के बारे में पूछा तो दंपती ने 1.30 लाख रुपये भी उनके हवाले कर दिए। ठगों ने नाटक करते हुए चेन और नकदी को एक सफेद लिफाफे में रखा। कुछ देर बाद, रामपुर हरि के पास पार्सल उतारने का बहाना बनाकर उन्होंने दंपती को कार से नीचे उतार दिया और उनका सामान भी नीचे रख दिया। जाते समय, ठगों ने दंपती को एक सफेद लिफाफा देते हुए कहा कि इसमें उनके जेवर और रुपये सुरक्षित हैं और वे दो मिनट में लौट रहे हैं।
दंपती ने ठगों पर भरोसा कर लिफाफा नहीं खोला। लेकिन काफी देर तक कार नहीं लौटने पर जब उन्होंने लिफाफा खोला तो उसमें केवल कागज के टुकड़े मिले। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। घटना के बाद, दंपती ने अपने बेटे को पूरी जानकारी दी और सीतामढ़ी पहुंचे। वहां से वे रामपुर हरि थाना गए, लेकिन क्षेत्राधिकार का हवाला देकर उन्हें ब्रह्मपुरा थाना भेज दिया गया। इसके बाद उन्होंने ब्रह्मपुरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
ब्रह्मपुरा थानाध्यक्ष विपिन रंजन ने बताया कि शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वारदात में शामिल ठगों की पहचान के लिए चांदनी चौक और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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