स्थानीय

मुजफ्फरपुर में लापता दंपती का 6 दिन बाद भी सुराग नहीं: संपत्ति विवाद और आपराधिक पृष्ठभूमि पर गहराया संदेह

मुजफ्फरपुर में लापता दंपती का 6 दिन बाद भी सुराग नहीं: संपत्ति विवाद और आपराधिक पृष्ठभूमि पर गहराया संदेह

मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित भगत मार्केट के मालिक मनोज भगत और उनकी पत्नी मीनू देवी के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। बीते 20 मई से लापता इस दंपती की तलाश में पुलिस लगातार छानबीन कर रही है, लेकिन छह दिन बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस मामले में संपत्ति विवाद, मनोज भगत की पुरानी आपराधिक पृष्ठभूमि और लेनदेन से जुड़े कई पहलुओं पर गहनता से जांच की जा रही है।

पुलिस ने परिजनों और रिश्तेदारों से पूछताछ की है, जिससे कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। सोमवार को एसडीपीओ टाउन-2 बिनीता सिन्हा ने उस कमरे का भी निरीक्षण किया, जहां से दंपती अचानक गायब हुए थे। परिजनों ने दावा किया है कि कमरे के बिस्तर पर खून के धब्बे मिले थे, जिससे हत्या की आशंका और भी बढ़ गई है। हालांकि, पुलिस ने मौके से नमूने एकत्र कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। अब एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि ये धब्बे वास्तव में खून के हैं या कुछ और।

लापता दंपती की बेटी शिफाली कुमारी ने अपने सगे चाचा पर संदेह व्यक्त किया है। शिफाली ने बताया कि उसके माता-पिता उसकी शादी के सिलसिले में मुजफ्फरपुर आए थे। 19 मई को उनकी आखिरी बार बात हुई थी और तब सब कुछ सामान्य था, लेकिन 20 मई से दोनों के मोबाइल फोन लगातार बंद आने लगे, जिसके बाद अनहोनी की आशंका हुई और पुलिस को सूचना दी गई। शिफाली का आरोप है कि उसके पिता और चाचा के बीच करोड़ों रुपये की मार्केट संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था और चाचा ने संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से कुछ अनहोनी की हो सकती है।

मनोज भगत के बहनोई ने बताया कि मनोज का अधिकांश समय दिल्ली में बीतता था। उनके खिलाफ पहले से कुछ आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें हत्या का एक मामला भी शामिल है, जिसमें वे जेल जा चुके थे और सजा काटकर लौटे थे। दिल्ली के कुछ कारोबारियों के साथ उनके लेनदेन को लेकर भी विवाद चल रहा था। उन्होंने पुलिस से हर कोण से निष्पक्ष जांच करने का आग्रह किया है, क्योंकि दंपती का अचानक गायब हो जाना कई सवाल खड़े करता है।

वहीं, मनोज भगत के भाई ने भतीजी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि बड़े भाई लंबे समय से दिल्ली में रहते थे और पुराने मामलों में उन्होंने ही उनकी मदद की थी। भाई का कहना है कि मनोज बड़े लेनदेन का काम करते थे और उनके पास बाहर से कई लोगों का आना-जाना लगा रहता था। उन्होंने यह भी बताया कि घटना वाले दिन पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था, जिसके बाद क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि दोनों रात में चुपचाप कहीं चले गए होंगे।

परिजनों ने यह सवाल भी उठाया है कि जब कमरे का ताला बाहर से बंद था, तो दंपती आखिर कहां गए। उनका कहना है कि कमरे के पीछे का रास्ता छोटे भाई के कमरे से होकर गुजरता है, जिससे संदेह और गहरा जाता है। परिजनों के अनुसार, बाहर निकलने के लिए केवल एक सीढ़ी वाला रास्ता है, ऐसे में बिना किसी की जानकारी के दोनों का गायब हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।

एसडीपीओ टाउन-2 बिनीता सिन्हा ने बताया कि मामले की जांच में टेक्निकल टीम, डीआईयू और एफएसएल की मदद ली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कमरे में मिले खून के धब्बे वास्तविक हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि मनोज भगत पर पहले से हत्या और रुपये के लेनदेन से जुड़े मामले दर्ज थे और वे वर्ष 2012 में जेल भी जा चुके थे। वे लंबे समय से दिल्ली में रह रहे थे और बेटी की शादी के सिलसिले में मुजफ्फरपुर आए थे। एसडीपीओ ने बताया कि बेटी ने अपने चाचा पर संदेह जताया है, जिनका कमरा गायब दंपती के कमरे के पास है। पुलिस ने उनसे भी पूछताछ की है। पूरे मार्केट में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है, इसलिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर बिंदु पर गंभीरता से जांच की जा रही है।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button