मुजफ्फरपुर: रेड लाइट एरिया में पुलिस की ‘अकेली’ छापेमारी, दो किशोरियों को बचाया, उठे सवाल
मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुलिस ने बेलटीकरी गाँव के एक कुख्यात रेड लाइट एरिया में छापा मारकर दो किशोरियों को देह व्यापार के चंगुल से बचाया है। यह कार्रवाई बुधवार देर रात की गई, लेकिन इस पूरे अभियान पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि मुजफ्फरपुर पुलिस ने स्थानीय इशीपुर थाना या जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी थी।
बेलटीकरी गाँव लंबे समय से देह व्यापार के लिए बदनाम रहा है। यहाँ के कुछ घरों में मानव तस्करी का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो पश्चिम बंगाल के कोलकाता और अन्य जिलों से युवतियों को लाकर बेचता है। दलाल इन युवतियों के रहने, खाने-पीने और ग्राहकों तक पहुँचाने की पूरी व्यवस्था करते हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क को कुछ प्रभावशाली लोग और एक महिला दलाल चलाती हैं, जिनके दबदबे के कारण कोई खुलकर विरोध नहीं कर पाता।
बुधवार देर रात करीब 1 बजे, मुजफ्फरपुर पुलिस की एक महिला सब-इंस्पेक्टर वर्दी में और अन्य पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में बेलटीकरी गाँव पहुँचे। उन्होंने सीधे उस घर में घुसने की कोशिश की जहाँ दोनों किशोरियाँ थीं, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। लगभग 2 बजे, मुजफ्फरपुर पुलिस ने इशीपुर थाने को फोन पर सूचना दी। इशीपुर थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि जब उनकी टीम मौके पर पहुँची, तब तक मुजफ्फरपुर पुलिस दोनों लड़कियों को लेकर जा चुकी थी। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि छापेमारी से पहले उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई थी।
यह पहली बार नहीं है जब बेलटीकरी गाँव में ऐसी कार्रवाई हुई है। आठ साल पहले, 2018 में भी कहलगाँव के तत्कालीन एसडीपीओ दिलनवाज अहमद के नेतृत्व में पुलिस ने यहाँ छापा मारा था। उस समय, एक पुलिस अधिकारी को ग्राहक बनाकर पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया गया था, जिसमें कई लड़कियों, ग्राहकों और दलालों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने हथियार, आपत्तिजनक सामग्री और शक्तिवर्धक दवाएं भी बरामद की थीं। हालांकि, उस कार्रवाई के अगले ही दिन अधिकांश आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई थी और कुछ महीनों के भीतर ही यह अवैध धंधा फिर से सक्रिय हो गया था।
नियमों के अनुसार, यदि किसी जिले की पुलिस दूसरे जिले में छापेमारी करती है, तो स्थानीय पुलिस की मौजूदगी अनिवार्य होती है। इस मामले में इस नियम का पालन नहीं किया गया, जिससे पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। कहलगाँव के एसडीपीओ टू, स्नेह सेतु ने बताया कि इस मामले की जानकारी वरीय पुलिस अफसरों को दे दी गई है और बेलटीकरी गाँव में लंबे समय से चल रहे इस धंधे के खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह देखना होगा कि इस बार की कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित होती है और क्या यह गाँव वास्तव में इस कुख्यात धंधे से मुक्त हो पाता है।
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