गायघाट में बिजली का संकट: 15 घंटे की कटौती और लो-वोल्टेज से बेहाल मकरंदपुर के ग्रामीण
अंधेरे में डूबा मकरंदपुर, प्रशासन से लगाई गुहार
मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट प्रखंड अंतर्गत मकरंदपुर गांव के निवासी इन दिनों बिजली की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि ग्रामीणों को दिन-रात के 24 घंटों में से महज 9 घंटे ही बिजली नसीब हो पा रही है। शेष 15 घंटे की बिजली कटौती ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बिजली की इस बदहाल स्थिति को लेकर शनिवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी पीड़ा रखी और तत्काल सुधार की मांग की है।
पढ़ाई और घरेलू कामकाज पर गहरा असर
लगातार बिजली कटौती और बेहद कम वोल्टेज (लो-वोल्टेज) की समस्या ने ग्रामीणों के दैनिक जीवन को प्रभावित किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली की आंख-मिचौली से बच्चों की पढ़ाई सबसे अधिक बाधित हो रही है। इसके अलावा, घर के जरूरी कामकाज और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी ठप पड़ी हैं। वोल्टेज इतना कम रहता है कि बिजली के उपकरण शो-पीस बनकर रह गए हैं।
बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लगा ट्रांसफार्मर पूरी तरह से झाड़ियों और लताओं से घिरा हुआ है, जिसके कारण तकनीकी खराबी और आपूर्ति में बाधा आना आम बात हो गई है। विकास कुमार ने बताया कि इस समस्या को लेकर मैठी पीएसएस के कनीय अभियंता से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी?
इस मामले पर मैठी पीएसएस के कनीय अभियंता ललित कुमार ने स्थिति की पुष्टि की है। उन्होंने स्वीकार किया कि ग्रामीणों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि विभाग जल्द ही पूरे मामले की जांच करेगा और ट्रांसफार्मर के आसपास की सफाई के साथ-साथ बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन का यह आश्वासन कब तक धरातल पर उतरता है और ग्रामीणों को कब तक इस अंधेरे से मुक्ति मिलती है।
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