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चंदवारा पुल की मजबूती पर उठे सवाल, IIT पटना के विशेषज्ञ करेंगे जांच

मुजफ्फरपुर: बूढ़ी गंडक पर बन रहे चंदवारा पुल की गुणवत्ता पर गंभीर चिंता

मुजफ्फरपुर शहर के लकड़ीढाई में बूढ़ी गंडक नदी पर निर्माणाधीन चंदवारा पुल की मजबूती और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुल के उद्घाटन से पहले ही इसमें दरारें, जर्जर हिस्से और बाहर निकलती सरिया दिखने की शिकायतें सामने आने के बाद, अब आईआईटी पटना के विशेषज्ञ इसकी गहन जांच करेंगे। पथ निर्माण विभाग, पटना के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रानेन्द्र कुमार ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के वरीय परियोजना अभियंता आलोक कुमार को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आईआईटी पटना से अंतिम सुरक्षा क्लीयरेंस सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही इस पुल से भारी वाहनों का परिचालन शुरू किया जाएगा।

उच्च-स्तरीय टीम ने मानी व्यापक लापरवाही

बुधवार को पथ निर्माण विभाग की एक उच्च-स्तरीय तकनीकी टीम ने पुल का निरीक्षण किया। इस टीम की अध्यक्षता पथ निर्माण विभाग, पटना के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर ने की, जिसमें कार्यपालक अभियंता, एसडीओ और जूनियर इंजीनियर सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। टीम ने पुल के पूरे स्ट्रक्चर की जांच की। निरीक्षण के बाद टीम ने माना कि पुल के निर्माण में व्यापक लापरवाही बरती गई है और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। टीम ने पाया कि पिलरों से कंक्रीट झड़कर गिर रहा है, जिससे लोहे की सरिया साफ दिख रही है। इसे लोगों की जान से खिलवाड़ करार दिया गया है।

मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत, दो महीने में खामियां दुरुस्त करने का निर्देश

पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरटीआई कार्यकर्ता देवव्रत कुमार सहनी ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी, जिसके बाद पथ निर्माण विभाग के सचिव ने जांच के आदेश दिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर ने निर्माण एजेंसी को पुल में आई सभी तकनीकी खामियों और दरारों को दो महीने के भीतर दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।

फाउंडेशन से लेकर स्लैब तक की जांच

जांच टीम ने पुल के फाउंडेशन, पिलर, बीम और स्लैब की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की मिक्सिंग, सरिया की गुणवत्ता और शटरिंग की मजबूती का भी आकलन किया। पथ निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि निर्माण में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और मरम्मत का खर्च भी उसी से वसूला जाएगा।

स्थानीय लोगों में चिंता

यह पुल चंदवारा-सिकंदरपुर रूट पर यातायात जाम की समस्या को कम करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। हालांकि, इसके उद्घाटन से पहले ही सामने आई इन खामियों ने स्थानीय लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। सभी की निगाहें अब आईआईटी पटना की जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।


अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध स्थानीय स्रोतों के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है। AI से त्रुटियाँ संभव हैं और इस सामग्री की सटीकता या प्रामाणिकता की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती। TheAinak केवल सूचनाओं का संकलन करता है और इसकी विषय-वस्तु के लिए उत्तरदायी नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसके आधार पर कोई कार्रवाई करने से पहले उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अवश्य कर लें।

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